October 23, 2020

अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी का चक्रव्यूह टूटेगा

डीआरआई ने बनाया एक्शन प्लान

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 6 अक्टूबर। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई ) बॉर्डर पार से सोना तस्करी पर निगाहें बनाए हुए हैं। इसके लिए इंटेलीजेंस विंग सहयोगी एजेंसियों की मदद ले रही हैं। डीआरआई की कोशिश की अंतरराष्ट्र्रीय तस्करी की चेन ब्रेक कर भारत में सोना तस्करी को रोका जाए। कुछ बड़े इनपुट इंटेलीजेंस से जांच एजेंसियों को मिले हैं. इसके आधार पर आने वाले दिनों में बड़े एक्शन हो सकते हैं। म्यांमार सीमा से श्रीगंगानगर लाते हुए बरामद 33 किलो 532 ग्राम सोने पर सिलीगुड़ी टीम की कार्रवाई के बाद तस्करों के तार बॉर्डर की सुरक्षा के दावों पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं।

दो बड़े एक्शन
राजस्व आसूचना निदेशालय ने दो बड़े एक्शन में सीमावर्ती क्षेत्रों में सोना तस्करी के बड़े मामले पकड़े हैं। गुप्त सूचना के आधार पर एक कार्रवाई जयपुर और दूसरी सिलगुडी टीम ने की। दोनों एक्शन में प्रदेश के लोगों की भूमिका सामने आइ। इसमें सिलीगुडी टीम की कार्रवाई ने डीआरआई और इंटेलीजेंस टीमों की चिंता बढ़ा दी ह। म्यांमार सीमा से श्रीगंगानगर सोने की खेप पहुंचाई जा रही थी। श्रीगंगानगर में कोई बड़ा कारोबारी गोल्ड का नहीं है, जिसे 33 किलो 532 ग्राम सोना एक साथ डिलीवर की जाए. ऐसे में एजेंसियों को लग रहा है कि यह कहीं बॉर्डर पार पहुंचाने के लिए तस्करी नहीं थी। इंटेलीजेंस इनपुट कहता है कि कोविड-19 के बाद अंतरराष्ट्रीय तस्करों के पास फ्लाइट से सोना तस्करी के सीमित अवसर है। ऐसे में तस्करी विदेश से सोना मंगवाने के लिए नए रास्तों की तलाश में है. साथ ही इंटैलीजेंस का यह भी जानकारी मिली कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर सोना कीमतों में इजाफे के बाद मार्जिन बढ़ा हैं।

बढ़ सकती है तस्करी
वहीं, स्थाई निवेश के तौर पर सोने की मांग भी। ऐसे में आने वाले दिनो में विमानन सेवाओं और नए रास्तों से सोना तस्करी बढ़ सकती हैं. इसके लिए डीआरआई, आईबी, कस्टम, एयर इंटेलीजेंस विंग, आयकर विभाग और स्टेट एजेंसियों के साथ मिलकर प्लान बॉर्डर लाइन चला रहा है। इसमें अंतराष्ट्रीय स्तर पर सोना तस्करों को बेनकाब करने की तैयारी हैं।