Sun. May 31st, 2020

अगस्त तक ईएमआई नहीं चुकाने की छूट

  • आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास ने किया बड़ा ऐलान
  • आयात-निर्यात को बढ़ावा
  • आयात-निर्यात बूस्ट करने के लिए आरबीआई ने कई ऐलान किए। प्रीशिपमेंट,पोस्ट शिपमेंट के लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट के परमिसिबल पीरियड को 1 साल से बढ़ा 15 महीने कर दिया गया।
  • रेपो रेट में 0.40 प्रतिशत की कटौती की घोषणा

दिनेश तिवाड़ी
नई दिल्ली, 22 मई। कोरोनावायरस से पस्त इकॉनमी को एक और बूस्टर देते हुए केंद्रीय बैंक आरबीआई के गवर्नर शशिकांत ने आज लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में कटौती का बड़ा ऐलान किया। रेपो रेट में 40 बीपीएस की कटौती कर दी गई है। नया रेट 4 प्रतिशत हो गया है। साथ ही ईएमआई मोराटोरियम को तीन महीने याने अगस्त तक आगे बढ़ा दिया गया है। आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 3.75 फीसदी से घटाकर 3.35 फीसदी कर दिया है। कोरोना के लॉकडाउन के बाद से यह तीसरी बार है जब आरबीआई ने राहतों का ऐलान किया है। सबसे पहले 27 मार्च को और उसके बाद 17 अप्रैल को आरबीआई ने कई तरह की राहतों का ऐलान किया था, जिसमें ईएमआई मोराटोरियम जैसे बड़े ऐलान किए गए थे।

नेगेटिव रहेगी जीडीपी, बढ़ेगी महंगाई
गवर्नर ने जीडीपी को लेकर चिंता जताई और कहा कि 2020-21 में ग्रोथ नेगेटिव टिरिटरी में रह सकती है। सबसे बड़ा झटका प्राइवेट कन्जंप्शन को लगा है। कन्ज्यूमर ड्यूरेबल्स का प्रॉडक्शन मार्च 2020 में 33 प्रतिशत घट गया। मर्केंडाइज एक्सपोर्ट 30 साल के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है। लॉकडाउन से महंगाई बढऩे की आशंका है। अनाजों की आपूर्ति एफसीआई से बढ़ानी चाहिए। ें रबी की फसल अच्छी हुई है। बेहतर मॉनसून और कृषि से काफी उम्मीदें हैं। मांग और आपूर्ति का अनुपात गड़बड़ाने से देश की अर्थव्यवस्था थमी हुई है।