September 21, 2020

अटका हुआ है बीआई चौकियां खोलने का प्रस्ताव

3 साल से की जा रही मांग

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 5 सितम्बर। पाकिस्तान से लगती राज्य की सीमा पर सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। सीमा क्षेत्र पर बंद पड़ी बॉर्डर इंटेलीजेंस (बीआई) की चौकियों पुन: शुरू करने का मामला राज्य और केंद्र सरकार के बीच लटका हुआ है। राजस्थान पुलिस के साथ ही सीमा सुरक्षा बल भी लम्बे समय से इन चौकियों को शुरू करने की मांग कर रहा है। इधरराज्य के गृह विभाग ने गृहमंत्रालय की ओर से चौकियों को लेकर मांगी गई जानकारी भेज दी है। दरअसल,राजस्थान की पाकिस्तान से 3323 किमी सीमा लगती है। सीमा पर अवांछनीय गतिविधियों की सूचना एकत्र करने के लिए बॉर्डर इंटेलीजेंस की चौकियां स्थापित की गई थी। बॉर्डर क्षेत्र के चार जिलों जैसलमेर,श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में करीब करीब 57 चौकियां स्थापित की गई थी। सीमा पार से गतिविधियां कुछ कम हुई तो इनमें से 33 चौकियां बंद कर दी गई। इसके बाद वर्तमान हालात में पुलिस मुख्यालय ने मार्च 2017 में प्रस्ताव भेजकर बंद कर दिया। इसके बाद 24 बॉर्डर पुलिस चौकी फिर शुरू करने की मांग की लेकिन तीन साल से कागजों में बंद प्रस्ताव इधर से उधर घूम रहा है। जानकारी के अनुसार एक मार्च 2017 को पीएचक्यू से बॉर्डर इंटेलीजेंस की बंद पड़ी चौकियों का प्रस्ताव भेजा गया। गृह विभाग ने स्वीकृति के लिए प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा। गृह मंत्रालय ने 16 अगस्त 2018 को चौकियों के सम्बंध में आवश्यक सूचना मांगी। इसके बाद गृह विभाग ने 26 दिसम्बर 2018 एवं 19 मार्च 2020 के द्वारा सूचनाएं भेज दी। इसके बाद गृह मंत्रालय का जवाब या स्वीकृति नहीं आई तो हाल ही गृह विभाग से फिर पत्र लिखा गया है। गृह विभाग ने बताया पूर्व कुल 57 बीआई पोस्ट थी। वर्ष 1995 से बंद की गई पोस्टों की संख्या 16 थी जबकि 2009 से बंद की गई पोस्टों की संख्या 20 थी। पुनर्गठन के बाद सृजित पोस्ट 3 थी और वर्तमान में संख्या 24 है जबकि बंद की गई पोस्ट उन्हें खोलने की अनुशंसा 24 है। साथ ही चौकियों के लिए 144 पदों की मांग की जा रही है।

यहां चाहिए चौकियां

  • श्रीगंगानगर: रावला,गजसिंहपुर,संगरिया केसरिसिंहपुर।
  • बीकानेर: रणजीतपुरा, पूंगल।
  • जैसलमेर: देवीकोट, सम, बहाला, खुईवाला, बाप,भारेवाला, शाहगढ़, सुल्ताना, दबड़ी, घनाना और चिन्नू।
    बाड़मेर: सेड़वा, केलनोरा, गागरिया, हरसाणी, जानपालिया, गांधव और पांचला।