Tue. Jul 16th, 2019

अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को आजीवन कारावास

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 12 जुलाई। पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-6 ने नाबालिग का अपहरण कर कई दिनों तक दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त कालू खां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने 25 वर्षीय इस अभियुक्त पर एक लाख पन्द्रह हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने अदालत को बताया गया कि भट्टा बस्ती थाना इलाके में रहने वाली नाबालिग पीडि़ता के पड़ौस में अभियुक्त रहता था। अभियुक्त 13 नवंबर 2016 को उसे अकेला देखकर साइंस पार्क घुमाने का बहाना बनाकर ले गया। इसके बाद वह उसे शाम अजमेर ले गया। यहां अभियुक्त ने पीडि़ता को तीन दिन तक अपने दोस्त के कमरे पर रखा और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। वहीं 16 नवंबर को वापस लौटते समय जयपुर बस स्टैंड पर अभियुक्त के भाई ने दोनों को साथ देखकर पुलिस को सूचित कर दिया। घटना को लेकर 13 नवंबर को ही पीडि़ता के पिता की ओर से अभियुक्त पर शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।

नाजीम नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 12 जुलाई। राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह में नाजीम नियुक्ति को लेकर हुई अनियमितता के मामले में केन्द्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय और दरगाह कमेटी सहित एक अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश पीर नफीस मियां की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि दरगाह कमेटी ने गत वर्ष नाजीम पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें प्रावधान किया गया कि आवेदनकर्ता सेवानिवृत्त कर्मचारी भी हो सकते हैं, लेकिन उनकी उम्र साठ साल से अधिक नहीं हो सकती। इसके बावजूद भी साठ साल की उम्र पार कर चुके शकील अहमद को गत 22 अक्टूबर को नाजीम पद पर नियुक्त कर दिया गया। याचिका में गुहार की गई है कि इस नियुक्ति को रद्द कर नियमानुसार नई भर्ती की जाए। इस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।