September 21, 2020

अब उदयपुर में भी विराजेंगे रामलला

स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट के तहत दिया जा रहा नया रूप

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 24 अगस्त। अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की नींव रखी जा चुकी है लेकिन उदयपुर में भी एक प्राचीन मंदिर को भगवान राम के मंदिर के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रतिमा रहित जर्जर हो चुके इस मंदिर का विकास स्मार्ट सिटी योजना के पीछोला झील के घाटों के पुनरूद्धार के तहत किया जा रहा है। पीछोला झील के किनारे दाईजी की पुलिया के समीप स्थित इस मंदिर में अब भगवान राम की प्रतिमा स्थापना की जाएगी। जिसके लिए क्षेत्रीय लोग सक्रिय हो चुके हैं। मंदिर का शिखर तथा आगे बने गुम्बद का पुनर्निर्माण किया गया।

मजदूर जुटे: स्मार्ट सिटी योजना के तहत इस मंदिर का शिखर तथा आगे बने गुम्बद का पुनर्निर्माण किया गया है। गुम्बद के अंदर भी नए सिरे से अराइस का काम जारी है। पिछले एक महीने से यहां मजदूर इसके प्राचीन स्वरूप के अनुसार बनाने में जुटे हैं। इस मंदिर के निर्माण तथा इसमें विराजित प्रतिमा के बारे में आसपास रहने वाले लोगों तक को पता नहीं। बुजुर्गों का कहना है कि इस मंदिर में उन्होंने कभी प्रतिमा विराजित नहीं देखी। हालांकि इतिहासकारों का कहना है कि यह मंदिर डेढ़ सौ दो सौ साल पुराना है। इसका निर्माण उसी काल में किया गया जब गणगौर घाट का निर्माण हुआ होगा।

अंतिम संस्कार के बाद स्नान: इतिहासकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू बताते हैं कि मेवाड़ साम्राज्य के दौरान इस क्षेत्र के लोगों की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के बाद इस घाट पर महिलाएं स्नान करने आती थी और यहां उनके रोने के चलते इस घाट का नाम रोमणिया घाट पड़ गया।