November 24, 2020

अब मोबाइल के ‘विजिलेंस एप से होगी बिजली चोरी पकडऩे की मॉनिटरिंग

ऊर्जा मंत्री कल्ला ने लांच किया एप, छीजत को कम करने में मिलेगी मदद

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 21 नवम्बर। प्रदेश में सरकारी बिजली निगमों में बिजली चोरी पकडऩे व वीसीआर भरने की मॉनिटरिंग अब मोबाइल एप के जरिए होगी। बिजली चोरी व ज्यादा लोड की विजिलेंस चैकिंग रिपोर्ट (वीसीआर) अब मोबाइल एप पर ऑनलाइन भरी जाएगी। ताकि विजिलेंस चैकिंग व जुर्माना लगाने के मामले में पारदर्शिता रहे। ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने शुक्रवार को विद्युत भवन में जयपुर डिस्कॉम द्वारा तैयार ‘विजलेंस एप’ को लांच किया। डॉ. कल्ला ने इस अवसर पर कहा कि इस एप के माध्यम से विजिलेंस की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छीजत को कम करने में भी मदद मिलेगी। यह ‘एप’ विजिलेंस से जुड़े अभियंताओं की जवाबदेही तय करेगा तथा सही-सही विजिलेंस होने से उपभोक्ताओं की शिकायतें भी दूर होगी।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इस ‘एप’ को विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुरूप तैयार कराया गया है। इस प्रकार का ‘एप’ शीघ्र की अजमेर एवं जोधपुर डिस्कॉम्स में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए डिस्कॉम द्वारा एक ‘सेल्फ बिलिंग एप’ भी तैयार कराया जा रहा है, जिसे आगामी दिनों में लांच किया जाएगा। डॉ. कल्ला ने बताया कि मौजूदा सरकार के आने के बाद प्रदेश में बिजली की छीजत में 2.6 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश में छीजत को 2023 तक 15 प्रतिशत के स्तर तक लाने के लिए विद्युत तंत्र में सुधार के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं डिस्कॉम्स के चेयरमैन दिनेश कुमार ने बताया कि सिस्टम में पादर्शिता के लिए राज्य सरकार की मंशा के अनरूप जयपुर डिस्कॉम द्वारा ‘विजलेंस एप’ के रूप में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
जयपुर डिस्कॉम के एमडी एके गुप्ता ने बताया कि इस ‘एप’ के माध्यम से डिस्कॉम के तहत की जाने वाली विजिलेंस से सम्बंधी दिन प्रतिदिन की सूचना प्राप्त होगी। अधीक्षण अभियंता एके त्यागी ने ‘एप’ के फीचर्स और इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

वीसीआर में फर्जीवाड़े की शिकायतों पर लगेगा अंकुश
इस ‘एप’ से ही अब विजिलेंस से सम्बंधी सूचनाएं ऑनलाइन दर्ज होगी। इस एप के द्वारा जांच अधिकारी जिस परिसर की जांच करेंगें वहां के ‘जिओ कॉर्डिनेट्स’ स्वत: ही एप द्वारा कैप्चर कर लिए जाएंगे। मौके पर लिए गए फोटो अथवा वीडियो भी इसमें स्वत: ही अपलोड हो जाएंगे। वीसीआर नंबर भी जांच स्थल पर स्वत: ही जनरेट होंगें। ऑनलाइन वीसीआर इन्द्राज होने के बाद जांच अधिकारी द्वारा बाद में इसमें किसी भी बदलाव की संभावना समाप्त हो जाएगी। एप में ये भी फीचर है कि मौके पर ही उपभोक्ता एवं जांच अधिकारी के हस्ताक्षर मोबाइल स्क्रीन पर लिए जा सकेंगे। विजिलेंस के सम्बंध में उपभोक्ता को उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जा सकेगी। ‘एप’ के माध्यम से जुर्माने की राशि का निर्धारण भी विनियामक आयोग के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप स्वत: हो सकेगा, इसमें किसी मानवीय त्रुटि की संभावना नहीं रहेगी।