Fri. Apr 10th, 2020

अब सेनेटाइजर को बिना छुए साफ होंगे हाथ

भारतीय छात्र ने बनाया रोबोट सेनेटाइजर

दुबई, 25 मार्च (एजेंसी)। दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस से बचने लिए दुनिया भर के डॉक्टर और विश्व स्वास्थ्य संगठन कुछ अंतराल के बाद हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। इसके लिए ऐसे सेनेटाइजर के इस्तेमाल की सलाह भी दी जा रही है जिसमें 60 फीसद से अधिक एल्कोहल हो। लेकिन यहां पर सबसे बड़ा सवाल बार-बार सेनेटाजर को हाथ से छूना है। ऐसी जगह जहां पर कई लोग हों और एक ही सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा हो वहां पर ये फायदे का सौदा हो भी नहीं सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त अरब अमिरात में एक भारतीय छात्र ने एक ऐसे सेनेटाइजर बनाया है जिसको छूने की जरूरत नहीं होगी और ये दूर से ही आपके हाथों को सेनेटाइज कर देगा। यूएई के अखबार खलीज टाइम्स के मुताबिक इसको बनाने वाले छात्र का नाम सिद्ध सांघ्वी है। सिद्ध दुबई के स्प्रिंग डेल्स स्कूल में पढ़ता है। सिद्ध ने अपने इस बनाए सेनिटाइजर का नाम रोबोट सेनिटाइजर दिया है।
अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह रोबोट 0.5 सेटीमीटर से भी कम दूरी पर मौजूद हाथ की की स्थिति को पहचान कर उसे सेनेटाइज कर देता है। अखबार ने सिद्ध के हवाले से लिखा है कि उसकी मां ने उसको एक वीडियो दिखाया था जिसमें लोग अपने हाथों की सफाई के लिए सेनेटाइजर के डिब्बे को बार-बार छू कर अपना हाथ साफ कर रहे थे। इस वीडियो को देखकर उसको लगा कि ऐसा करने से इन सभी को संक्रमित होने का खतरा अधिक होगा। इसके बाद ही उसके मन में ये रोबोट सेनेटाइजर बनाने का विचार आया। सिद्ध का कहना है कि इसको बनाने के पीछे उसका मकसद लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना है। उसके मुताबिक उसका बनाया यह रोबोट सेनेटाइजर इसमें मदद कर सकता है।

कोरोना पीडि़त के दाह संस्कार पर भी आफत
कोलकाता, 25 मार्च (एजेंसी)। महानगर के एक निजी अस्पताल में दम तोडऩे वाले बंगाल के पहले कोरोना वायरस संक्रमित प्रौढ़ व्यक्ति के दाह संस्कार पर आफत आ गई क्योंकि लोगों ने यह कहते हुए नाकेबंदी कर दी कि क्रियाकर्र्म से वायरस फैल सकता है। यहां तक कि परिवार के कोई भी सदस्य शव तक लेने के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक स्थानीय निवासियों को समझाया कि संक्रमण से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। पुलिस केंद्रीय प्रभाग के एक अधिकारी ने कहा, हमने उन्हें बताया कि शव को लपेटने के दौरान सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। डरने की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शव सौंपने में बहुत विलंब हुआ क्योंकि मृतक के परिवार के सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचे। यही नहीं शव ले जाने के लिए कोई वाहन भी नहीं मिल रहा था। अधिकारी का कहना था कि एक सरकारी अस्पताल के पृथक वार्ड में फिलहाल भर्ती मृतक की पत्नी ने स्वीकृति दी जिसके बाद विभाग को शव सौंपा गया। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा,सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार शव पर रसायनों का लेप लगाया गया और फिर उसे निर्दिष्ट तरीके से लपेटा गया। हमने किसी तरह एक शव वाहन का इंतजाम किया और विधाननगर सिटी पुलिस के अधिकारियों के एक दल की निगरानी में शव को नीमतल्ला श्मशान ले जाया गया। गौरतलब है कि बंगाल में सोमवार को कोरोना वायरस से संक्रमित दमदम इलाके के रहने वाले 57 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पिछले सप्ताह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए इस व्यक्ति को 16 फरवरी को साल्टलेक इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।