September 22, 2020

अभी भा नहीं रहा पधारो म्हारे देस

राजस्थान से रूठे विदेशी पर्यटक, देसी पर्यटकों को भी लग रहा डर

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 3 सितम्बर। सितंबर की शुरुआत के साथ राजस्थान में पर्यटन का नया सीजन शुरू हो गया है लेकिन कोरोना के दंश की वजह से सूबे का पर्यटन उबरने का नाम नहीं ले रहा है। जून में खोले गए प्रदेश के सभी पर्यटन स्मारक अभी भी पर्यटकों की बांट जोह रहे हैं। अंतरर्राष्ट्रीय उड़ाने बंद होने की वजह से विदेशी पर्यटकों का आना तकरीबन बंद हो चुका है वहीं अब तक देसी पर्यटकों के दिल का डर भी नहीं निकला है। आलम ये है कि इस साल जनवरी से अब तक अकेले आमेर महल को करीब 32 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल टिकट बिक्री से 41 करोड़ कमाने वाला आमेर महल इस साल अगस्त तक महज आठ करोड़ पर अटका हुआ है।
राजस्थान का पर्यटन विभाग यहां पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा लुभाने के लिए पधारो म्हारे देस की तर्ज पर पूरी तैयारी करे हुए है। जिस पर्यटन सीजन में पिछले साल अगस्त महीने में आमेर महल में एक लाख 35 हजार पर्यटक आए थे, वहां इस बार महज 14 हजार 569 पर्यटक ही आए है। आमेर महल अधीक्षक पंकज धरेंद्र के मुताबिक लोगों के जेहन में बसा कोराना का डरा पर्यटन को तबाह कर देगा। अकेले आमेर महल को अब तक करीब 32 करोड़ घाटा सिर्फ टिकट बिक्री में हो चुका है। यहां काम करने वाले हजारों गाइड मार्च से बेरोजगार हैं।

होटल व्यवसाय बुरे दौर में
आमेर आसपास के होटल से लेकर पर्यटकों पर निर्भर दुकाने- शोरूम सब बहुत बुरे दौर से गुजर रहे है। जून से पर्यटन को बूस्ट देने के लिए की गई शुरूआत से उम्मीद थी कि पहले से शुरू करेंगे तो सितम्बर तक पर्यटन पटरी पर आ जाएगा लेकिन आलम ये है कि विदेशी पर्यटक यहां करीब करीब लुप्त हो चुके हैं। देसी पर्यटक भी गिने चुने ही पर्यटन के लिए बाहर निकल रहे हैं। इस साल आमेर में सबसे पर्यटकों की आमद कोराना की दस्तक से पहले जनवरी में हुई थी। जनवरी में दो लाख पर्यटक आए और तीन करोड़ 36 लाख की कमाई हुई। फरवरी में 1.83 लाख पर्यटक आए और 3.36 करोड़ की कमाई हुई।