Tue. Jun 18th, 2019

अमित शाह बने रह सकते हैं अध्यक्ष

नियम नहीं आएगा आड़े!

नई दिल्ली, 12 जून(एजेंसी)। लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए इलेक्शन विनिंग मशीन बने अमित शाह गृह मंत्री के साथ-साथ पार्टी अध्यक्ष भी बने रह सकते हैं। आगामी हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पार्टी किसी तरह का रिस्क उठाने के मूड में नहीं है। अमित शाह के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद से संगठन में कायम हुई हनक और नतीजों से कार्यकर्ताओं में पैदा हुए जोश को बीजेपी बनाए रखना चाहती है। बीजेपी के विश्वस्त सूत्रों ने कहा कि चर्चाएं जो भी हों, जहां तक सूचना है कि शाह अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। बीजेपी की वेबसाइट पर मौजूद 46 पेज के संविधान में यूं तो राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर स्थानीय पदाधिकारियों के चुनाव तक के नियम-कायदे दर्ज हैं मगर इसमें अध्यक्ष पद के लिए कहीं एक व्यक्ति-एक पद सिद्धांत की शर्ते नहीं दिखतीं। बीजेपी के मौजूदा संविधान के मुताबिक कोई व्यक्ति तीन-तीन साल के दो पूर्ण कार्यकाल तक अध्यक्ष पद पर रह सकता है। ऐसे में अमित शाह बिना संविधान संशोधन हुए 2022 तक अध्यक्ष रह सकते हैं।पार्टी के एक नेता कहते हैं कि भले ही बीजेपी काडर बेस पार्टी है, नेताओं की कमी नहीं हैं मगर संगठन चलाने के मामले में अमित शाह का कोई विकल्प नहीं है।