November 25, 2020

आज शरद पूर्णिमा पर तन्हा रहेगा मोहब्बत का ताज

आगरा, 31 अक्टूबर (एजेंसी)। कोराना काल में शरद पूर्णिमा पर चांदनी रात में ताजमहल में चमकी देखना पर्यटकों के लिए ख्वाब ही रहेगा। ताज रात्रि दर्शन की अनुमति नहीं होने से 31 अक्टूबर को पर्यटक चमकी नहीं देख सकेंगे। पिछले 15 वर्षों में यह यह पहला मौका होगा, जबकि शरद पूर्णिमा पर ताजमहल के दरवाजे पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे। धवल संगमरमरी ताजमहल की सुंदरता चांदनी रात में और बढ़ जाते हैं। उसमें हो रही पच्चीकारी में जड़े पत्थरों पर जब चंद्रमा की रोशनी पड़ती है तो वो जगमगा उठते हैं। इसे पर्यटक चमकी कहते हैं। शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा के धरती के अधिक नजदीक होने से यह सुंदरता और बढ़ जाती है। शरद पूर्णिमा के दिन चांदनी रात में ताजमहल देखने का पर्यटकों में अधिक क्रेज रहता है। कोरोना काल में ताज रात्रि दर्शन बंद होने से इस बार पर्यटकों में मायूसी है। वो शरद पूर्णिमा पर ताजमहल में चमकी नहीं देख सकेंगे। सुरक्षा कारणों की वजह से वर्ष 1984 से ताजमहल में रात्रि दर्शन बंद हो गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह नवंबर, 2004 में दोबारा शुरू हुआ था। माह में पांच दिन (पूर्णिमा, पूर्णिमा से दो दिन पूर्व और दो दिन बाद तक) ताज रात्रि दर्शन होता है। इस बार कोरोना काल में यह मार्च से ही बंद चला आ रहा है और इसकी पुन: शुरुआत के बारे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है। एडीए द्वारा मेहताब बाग पर बनाए गए व्यू प्वाइंट से भी ताज रात्रि दर्शन नहीं हो रहा है। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर ताज रात्रि दर्शन नहीं होगा।