September 22, 2020

आज संसद से चीन को मिलेगा जवाब

एलएसी पर कैसे हैं हालात, जानकारी देंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नीलम जीना
नई दिल्ली, 15 सितम्बर। भारत और चीन के बीच एलएसी पर जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में बयान देंगे। राजनाथ सिंह दोपहर तीन बजे संसद को बताएंगे कि आखिरकार एलएसी पर वर्तमान हालात क्या हैं। गौरतलब है कि विपक्ष लंबे वक्त से चीन को लेकर सरकार पर हमलावर हो रहा है और बार-बार सरकार से जवाब मांगता रहा है। सोमवार को भी लोकसभा में विपक्ष के नेता ने बॉर्डर तनाव के मामले को उठाने की कोशिश की थी। कोरोना के बीच संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से ही प्रारंभ हुआ है।

आज का दिन अहम
मंगलवार का दिन लोकसभा के लिए अहम हो सकता है। विपक्ष काफी समय से मांग करता रहा है कि सरकार इस मामले में चुप्पी तोड़े। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर कई बार हमला कर चुके हैं। मंगलवार को राजनाथ सिंह लोकसभा में चीन मामले में अहम बयान देंगे।

मोदी दे चुके संकेत
उल्लेखनीय है कि मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही कहा है कि भारतीय सेना के जवानों के पीछे पूरा देश खड़ा है, यह सदन और सदन के सभी सदस्य एक मजबूत संदेश देंगे। आज जब हमारी सेना के वीर जवान सीमा पर डंटे हुए हैं, जिस विश्वास के साथ खड़े हुए है, मातृभूमि की रक्षा के लिए डटे हुए है। यह सदन भी, सदन के सभी सदस्य एक स्वर से, एक भाव से, एक भावना से, एक संदेश देंगे कि सेना के जवानों के पीछे देश खड़ा है।

अधीर रंजन जैसे ही बोले- हमारी सीमा में चीन…. स्पीकर ने कराया चुप: लोकसभा में सोमवार को चर्चा के दौरान कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने अचानक चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने चेयर के जरिए रक्षा मंत्री को संबोधित कर कहा, कई महीनों से हिंदुस्तान के लोग भारी तनाव में हैं क्योंकि हमारे सीमा में चीन….। इतना बोलते ही स्पीकर ने उन्हें रोक दिया और कहा कि इस पर बिजनेस एडवायजरी कमेटी मीटिंग होगी। अब चर्चा नहीं। अधीर ने फिर आज अखबार में छपी एक रिपोर्ट का जिक्र किया लेकिन स्पीकर ने कहा कि संवेदनशील मुद्दे पर संवेदनशील तरीके से अपनी बात को कहना चाहिए।

निकल गई हेकड़ी…
उधर भारत-चीन सीमा विवाद, हांगकांग, ताइवान और साउथ चाइना सी में दादागिरी जैसे मुद्दों पर चीन की पूरे विश्व में कड़ी आलोचना हो रही है। चीन के सभी प्रमुख देशों से रिश्ते खराब होने देख अब खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग मैदान में उतरे हैं। मिली खबरों के मुताबिक डैमेज कंट्रोल के लिए जिनपिंग ने सोमवार को खुद जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के अलावा यूरोपीय यूनियन के कई नेताओं के साथ फोन पर बातचीत कर अपना पक्ष रखा है। हांगकांग में हाल में लागू किया गया चीन का नया कानून यूरोपीय संघ को रास नहीं आया है जिसमें जर्मनी और फ्रांस प्रमुख हैं।