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आज से ग्राहक बनेंगे किंग

A customer wearing a face mask and gloves goes shopping in the early morning in a supermarket in the Berlin district of Friedenau, Germany, Tuesday, March 17, 2020 In order to slow down the spread of the coronavirus, the German government has considerably restricted public life. Only for most people, the new coronavirus causes only mild or moderate symptoms, such as fever and cough. For some, especially older adults and people with existing health problems, it can cause more severe illness, including pneumonia. (Kay Nietfeld/dpa via AP)

मिलेंगे कई और अधिकार

नई दिल्ली, (एजेंसी)। उपभोक्ता अधिकारों को नई ऊंचाई देने वाले उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के प्रावधान आज से प्रभावी हो जाएंगे। यह उपभोक्ता संरक्षण कानून, 1986 का स्थान लेगा। नए कानून के तहत उपभोक्ता किसी भी उपभोक्ता अदालत में मामला दर्ज करा सकेगा। भ्रामक विज्ञापनों पर जुर्माना एवं जेल जैसे प्रावधान भी इसमें जोड़े गए हैं। पहली बार ऑनलाइन कारोबार को भी इसके दायरे में लाया गया है।
पहले इस कानून को जनवरी में लागू किया जाना था, जिसे बाद में मार्च कर दिया गया। मार्च में कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका था। अब 20 जुलाई से सरकार ने इसे लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लागू हो जाने के बाद उपभोक्ता की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई शुरू हो जाएगी। खासकर अब ऑनलाइन कारोबार में उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी भी कंपनियों पर भारी पड़ सकती है।

ये हैं अहम प्रावधान

  • पीआईएल या जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में दायर की जा सकेगी। पहले के कानून में ऐसा नहीं था
  • खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वाली कंपनी पर जुर्माने और जेल का प्रावधान।
  • उपभोक्ता मध्यस्थता सेल का गठन। दोनों पक्ष आपसी सहमति से मध्यस्थता का विकल्प चुन सकेंगे।
  • कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपए तक के केस और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में एक करोड़ से 10 करोड़ तक के केस।
  • सिनेमा हॉल में खाने-पीने की वस्तुओं पर ज्यादा पैसे लेने की शिकायत पर होगी कार्रवाई।
  • कैरी बैग के पैसे वसूलना कानूनन गलत।