September 22, 2020

आतंकियों को मौत की सजा सुनाने वाले जज को खतरा

पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर,11 सितम्बर। जयपुर बम धमाकों के गुनहगारों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज अजय कुमार शर्मा को अब अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है। सुरक्षा को लेकर चिंतित शर्मा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र में सेवानिवृत्त जज ने कहा कि आईबी की रिपोर्ट के अनुसार मुझे और मेरे परिवार से आतंकी ग्रुप कभी भी बदला ले सकते हैं। मुझे सूचना मिली है कि पुलिस लाइन के अधिकारी मुझे दी गई सुरक्षा को हटाने जा रहे हैं। ऐसे में मुझे दी गई सुरक्षा को यथावत रखा जाए। पत्र में शर्मा ने कहा कि उनके घर पर शराब की खाली बोतलें फेंकी गई हैं। कई दिनों से मोटर साइकिल सवार संदिग्ध लोग घर के बाहर चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने घर के बाहर की फोटो भी खींची।आतंकी ग्रुप बहुत खतरनाक हैं। ये मेरे और मेरे परिवार के साथ कुछ भी कर सकते है। उन्होंने लिखा है कि क्या यह मेरा कसूर है कि मैंने चार खूंखार आतंकियों को फांसी की सजा दी। पत्र में जज नीलकंठ गंजू का उदाहरण भी दिया गया है। न्यायाधीश नीलकंठ गंजू ने 1984 में आतंकी मकबूल भट्ट को मौत की सजा सुनाई थी। उन्हें दो अक्टूबर, 1989 को आतंकियों ने सरेआम मार दिया था।

चार गार्ड और दो निजी सुरक्षाकर्मी हटाने की चर्चा
उल्लेखनीय है कि जयपुर बम ब्लास्ट की विशेष अदालत में जज नियुक्त होने के साथ ही जज अजय कुमार शर्मा को चार गार्ड और दो निजी सुरक्षाकर्मी की सुरक्षा मिली हुई थी। यह सुरक्षा उनके 31 जनवरी 2020 को रिटायर होने के बाद भी उनके साथ बनी हुई है। लेकिन अब उनको मिली हुई सुरक्षा व्यवस्था को हटाने अथवा कम करने की बात चल रही है।

71 लोगों की हुई थी मौत
जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट में 71 लोगों की मौत होने के साथ ही 185 लोग घायल हो गए थे। आतंकियों ने जयपुर के तीन मंदिरों सहित अन्य स्थानों बम बम धमाके किए थे।