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आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होंगी

लॉकडाउन का उद्देश्य सोशल डिस्टेंसिंग: मुख्यमंत्री

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 25 मार्च। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग से ही कोरोना से बचा जा सकता है। लॉकडाउन का उद्देश्य यही है कि लोग घरों में रहें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आए।
जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि लॉकडाउन के निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना हो ।गहलोत मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय वॉर रूम की तरह ही जिलों में भी वॉर रूम स्थापित किए जाएं। यह वॉर रूम 24 घंटे कार्यरत रहें और इनमें वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। यह वॉर रूम लॉकडाउन की स्थिति से आमजन को होने वाली परेशानियों का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ समाधान करेगा।

परमिट की व्यवस्था सुगम बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक काम के लिए आमजन को परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए परमिट जारी करने की व्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन किया जाए। इसके लिए मोबाइल एप अथवा ई-मेल आईडी बनाएं। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों की आवाजाही को कड़ाई से रोका जाए। बेवजह वाहन लेकर निकलने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे। लोगों को घरों में रखना हमारी एकमात्र प्राथमिकता है।

जनप्रतिनिधियों पर भी बड़ी जिम्मेदारी
गहलोत ने कहा कि गरीबों, फेरी लगाकर अपनी जीविका अर्जित करने वाले लोगों, रिक्शाचालकों, मजदूरों आदि समाज के जरूरतमंद तबकों के लिए जिला कलेक्टर भोजन एवं राशन की कमी नहीं आने दें। इस काम में सेवाभावी संस्थाओं,भामाशाहों आदि का सहयोग लें। जनप्रतिनिधियों पर संकट की इस घड़ी में बड़ी जिम्मेदारी है। वे राजनीतिक सोच से ऊपर उठकर लोगों की मदद के लिए आगे आएं। गरीबों और जरूरतमंदों को मदद पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि एक भी इंसान भूखा नहीं सोए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक सेवाओं से सम्बन्धित दुकानों के खुलने पर कोई रोक नहीं है। ना ही उनके लिए कोई समय सीमा निर्धारित की गई है। दुकानें खुलने से सप्लाई चैन सुचारू रहेगी और दैनिक उपभोग की वस्तुएं लेने के दौरान भीड़भाड़ भी नहीं होगी जो कि लॉकडाउन का मुख्य उद्देश्य है। गहलोत ने कहा कि उपभोक्ता भण्डार की मोबाइल वैन का उपयोग आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए किया जाए ताकि लोगों को बाजार में कम से कम जाना पड़े।

सख्ती के साथ संवेदनशीलता जरूरी
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को प्रभावी रूप से लागू करने का दायित्व पुलिस अधिकारियों पर है। चूंकि यह लॉकडाउन कानून व्यवस्था की स्थिति के कारण नहीं किया गया है इसलिए उन्हें सख्ती के साथ.साथ मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए इसकी पालना करवानी है। लोगों को समझाइश करने के लिए माइक लगी हुई गाडिय़ों का उपयोग शहरों के साथ.साथ बड़े कस्बों में भी किया जाए।