August 14, 2020

इतिहास पर फिर से उठी अंगुलियां

  • रानी पद्मनी और महाराणा प्रताप को लेकर फिर विवाद, कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत
  • विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने नाराजगी जताई

जयपुर, 2 जुलाई। रानी पद्मनी और महाराणा प्रताप को लेकर राजस्थान में एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। विवाद इस हद तक बढ़ गया कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं होगी। वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने भी नाराजगी जताई है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा की पुस्तक राजस्थान की संस्कृति और इतिहास के पेज नंबर 9 में रानी पद्मनी के बारे में साहित्यकार मलिक मुहम्मद जायसी का हवाला देते हुए लिखा गया है कि मुगल बादशाह अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मनी को पाने के लिए चित्तौडग़ढ़ पर आक्रमण किया था। वहीं, महाराणा प्रताप पर देश में पीएचडी करने वाले देश के एकमात्र साहित्यकार डॉ. चन्द्रशेखर का कहना है कि मलिक मुहम्मद जायसी के संदर्भ को जोडऩा गलत है। राजस्थान के पुराने इतिहासकार एवं पूर्व राजपरिवारों के सदस्यों के साथ ही राजपूत समाज का कहना है कि अलाउद्दीन खिलजी ने राजपूताने में अपना वर्चस्व कायम करने व चित्तौडग़ढ़ की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचाने के लिए आक्रमण किया था।