September 25, 2020

ई-कॉमर्स कंपनियों को अगस्त से बताना होगा हर प्रोडक्ट का सोर्स

नई दिल्ली, (एजेंसी)। ई-कॉमर्स कंपनियों के प्लेटफार्म पर बिकने वाले सामान पर अगस्त से यह बताना पड़ेगा कि यह सामान भारत में बना है या किसी और देश से आया है। अभी कई सामान के पैकेट पर यह नहीं लिखा होता है कि यह सामान कहां बना है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) की तरफ से ई-कॉमर्स कंपनियों को जुलाई आखिर तक प्रोडक्ट के सोर्स को प्रोडक्ट पर दर्शाना शुरू करने के लिए कहा है। हालांकि इस संबंध में डीपीआईआईटी की तरफ से कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया है, लेकिन चीन से आने वाले सामान को रोकने और मेक इन इंडिया के प्रोत्साहन के लिए विभाग जल्द से जल्द इस काम को शुरू कराना चाहता है। बुधवार को इस मामले में ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक हुई। लगभग 15 दिन पहले भी इस मामले में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ बैठक की गई थी। सूत्रों के मुताबिक अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने सरकार के सामने यह दलील रखी कि उनके प्लेटफार्म पर 15 करोड़ से अधिक विक्रेता है और इतने कम समय में सभी विक्रेताओं द्वारा अपने प्रोडक्ट पर सोर्स को दर्शाना आसान नहीं होगा। ई-कॉमर्स कंपनियों ने कहा कि वे उन विक्रेताओं को टेक्निकल सपोर्ट मुहैया करा सकती है, बाकी का काम विक्रेता का होगा। ऐसे में, पूरी जानकारी जुटाकर प्रोडक्ट पर सोर्स को लिखना या दर्शाने के काम को सुचारू होने में कम से कम दो-तीन महीने लग सकते हैं।