September 22, 2020

उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 12 सितंबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के गांव-ढाणी में रहने वाले बच्चे भी डॉक्टर-इंजीनियर, साइंटिस्ट तथा रिसर्च स्कॉलर जैसे उत्कृष्ट मानवीय संसाधन के रूप में तैयार हो सकें, इस उद्देश्य से दूरस्थ क्षेत्रों तक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा का प्रसार करना हमारी प्राथमिकता है। गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के ई-लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर करीब 62 करोड़ की लागत से उच्च शिक्षा के 9 राजकीय महाविद्यालयों तथा रूसा भवन एवं करीब 23.22 करोड़ की लागत से तकनीकी शिक्षा के 10 राजकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में नवनिर्मित भवनों, बालिका छात्रावास, अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालिका छात्रावास, लैब, नवीन आधारभूत संरचनाओं एवं तीन नवाचारों आनंदम पाठ्यक्रम, ई-कंटेट तथा पॉलीटेक्निक कॉलेज में सेमेस्टर प्रणाली का ई-लोकार्पण किया। गहलोत ने कहा कि बीते करीब डेढ़ साल में 87 नए सरकारी महाविद्यालय खोलने का जो अभूतपूर्व काम हुआ है, वह उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। कोरोना के इस संकटकाल में भी ऑनलाइन टीचिंग तथा ई-कंटेंट जैसे नवाचारों को अपनाकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री प. जवाहरलाल नेहरू ने आईआईटी, एम्स, इसरो, डीआरडीओ, योजना आयोग जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना के साथ ही देश में आधुनिक शिक्षा की नींव रखी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के समय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के गठन और सूचना क्रांति जैसे फैसलों से शिक्षा का ढांचा मजबूत हुआ। आज हमारे आईटी एक्सपर्ट दुनिया में अपने कौशल का लोहा मनवा रहे हैं। कोविड-19 को लेकर सरकार ने प्रारंभ से ही हर वर्ग को साथ लेकर फैसले किए हैं। अब 15 सितम्बर को वीसी के माध्यम से पंचायत स्तर तक लोगों से संवाद किया जाएगा।

सुशासन के मॉडल के रूप में उभरा
तकनीकी शिक्षामंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि कोविड-19 जैसे चुनौतीपूर्ण वक्त में भी राजस्थान सुशासन के मॉडल के रूप में उभरा है। प्रदेश के इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों तथा तकनीकी संस्थानों में 40 हजार से अधिक ई-कंटेट तैयार कर विद्यार्थियों को शिक्षा से लगातार जोड़े रखा गया है। देश के कई राज्यों के विद्यार्थी भी इनका उपयोग कर रहे हैं। तकनीकी के क्षेत्र में डाटा साइंसेज, आर्टिफिशल इंटेलीजेंस तथा रोबोटिक्स के नए कोर्सेज भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।

बच्चों को उनके घर के नजदीक ही एजुकेशन
उच्च शिक्षामंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि सरकार की नीति रही है कि सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को उनके घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा ग्रहण करने के अवसर उपलब्ध हों। इस उद्देश्य से बीते करीब ड़ेढ़ साल में बड़ी संख्या में तहसील एवं उपखंड मुख्यालयों पर नए कॉलेज खोलने के साथ ही, नए कोर्सेज संचालित करने तथा पहले से स्थापित कॉलेजों का क्रमोन्नयन भी किया गया है। नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने नवलगढ़ (झुंझुनूं) के आर.आर. मोरारका राजकीय महाविद्यालय के भवन के निर्माण के लिए भामाशाह गौतम मोरारका का आभार व्यक्त किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि इसके माध्यम से उन्होंने अपनी मातृभूमि में शिक्षा के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शासन सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा शुचि शर्मा ने आनंदम कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेज विद्यार्थियों को रचनात्मक एवं सामुदायिक कार्यों से जोडऩे, एक लाख से अधिक ई-कंटेट तैयार करने जैसे नवाचारों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर सांसद नीरज डांगी, विधायक अशोक बैरवा, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव निरंजन आर्य, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, कॉलेज शिक्षा निदेशक संदेश नायक भी मौजूद थे।

इनका किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने राजकीय विधि महाविद्यालय नागौर, राजकीय महाविद्यालय टोडारायसिंह, पिड़ावा, मनोहरथाना एवं चौमहला (झालावाड़), बिजोलिया (भीलवाड़ा), खंडार (सवाई माधोपुर), नवलगढ़ (झुंझुनूं), रेवदर (सिरोही) तथा रूसा के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया। उन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय केलवाड़ा (बारां) के नवनिर्मित भवन तथा बीकानेर, हनुमानगढ़, कोटा, दौसा के महाविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों तथा विभिन्न लैब आदि का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग कॉलेज भरतपुर में विभिन्न लैब एवं महिला छात्रावास, अजमेर में अजा-जजा के महिला छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं, महिला महाविद्यालय अजमेर में नवनिर्मित आधारभूत संरचनाओं सहित अन्य लैब आदि का लोकार्पण भी किया।