September 20, 2020

उत्तर-मध्य रेलवे प्रतिदिन एक करोड़ रुपए के अतिरिक्त माल की ढुलाई कर राजस्व प्राप्त करने के लिए आगे

अगस्त-19 की तुलना में अगस्त-20 में मालगाडिय़ों की औसत गति दोगुनी हुई

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 2 सितंबर। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख विभागाध्यक्षों और मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज, झांसी तथा आगरा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 की स्थिति, ट्रेन परिचालन में संरक्षा, माल लदान, बीडीयू द्वारा किए गए कार्यों तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की।
उत्तर मध्य रेलवे पर कोविड-19 से संबंधित सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। महाप्रबंधक चौधरी ने इस बात पर बल दिया कि कोविड-19 के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल में बहुत उच्च स्तर के अनुशासन की आवश्यकता है, ताकि मध्यम और छोटे शहरों में भी स्थित सभी कार्य केंद्रों में महामारी का प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि रेल परिवार का प्रत्येक सदस्य कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने सामाजिक व्यवहार को बनाए रखते है।
उत्तर मध्य रेलवे के रेलवे कर्मचारियों द्वारा इसके अनुपालन पर निगरानी रखने के लिए कार्मिक विभाग को निर्देशित किया है। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे अस्पतालों सहित मण्डलों को यह सुनिश्चित करना होगा, कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए केवल उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की खरीद की जाए और खरीद करने वाले विभाग के साथ-साथ उपभोग करने वाले विभागों को भी गुणवत्ता जांच के लिये निर्देशित किया गया।

संरक्षित ट्रेन संचालन ही सबसे कुशल संचालन
संरक्षा की समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक ने बल देते हुए कहा कि संरक्षित ट्रेन संचालन ही सबसे कुशल संचालन है और रेलवे के रखरखाव तथा संचालन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर शॉर्टकट की अनुमति नहीं है। परिचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं के आडिट का निर्देश महाप्रबंधक ने दिया और कहा कि यार्डों, साइडिंगों एवं लोडिंग स्थलों आदि में शंटिग प्रक्रिया का मंडलीय अधिकारियों द्वारा आडिट किया जाए और मिली कमियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए निराकरण किया जाए।

मालगाडिय़ों की जांच
पासिंग थ्रू ट्रेनों का एनरूट परीक्षण रेलवे की एक महत्वपूर्ण संरक्षा प्रक्रिया है। संरक्षा युक्त और निर्बाध ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन स्टॉफ, गेटमैन इत्यादि द्वारा ट्रेनों के अवलोकन के अलावा, कोचिंग और मालगाडिय़ों की जांच विशेष रखरखाव कर्मियों द्वारा की जाती है, जिन्हें स्टॉफ कहा जाता है। नियमित अंतराल पर स्थित ये पॉइंट ट्रेनों में किसी भी दोष की पहचान और समाधान के लिए आवश्यक सामग्री और जन शक्ति से लैस होते हैं। महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने स्टॉफ के रिकॉर्ड कीपिंग, टूल्स, उपकरणों , मैनपावर आदि के आडिट के निर्देश दिए, ताकि मार्ग के परीक्षण बिंदुओं को और सुदृढ़ करने के लिए वांछित संसाधनों की पहचान की जा सके और उनका समयबद्ध तरीके से बढ़ाया जा सके।

12.7 मिलियन टन माल की लोडिंग
कोविड -19 संकट के बावजूद, उत्तर मध्य रेलवे ने पिछले साल की तुलना में जुलाई और अगस्त, 2020 में बेहतर माल लदान किया है। अगस्त-20 में 12.7 मिलियन टन माल की लोडिंग कर अगस्त-19 की तुलना में 40000 टन माल अधिक लदान किया है। कुशल ट्रेन संचालन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने अगस्त-20 में मालगाडिय़ों की औसत गति 47.42 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की जो अगस्त -19 में दर्ज 23.29 किलोमीटर प्रति घंटे से दुगनी से अधिक है। माल लदान प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए, महाप्रबंधक चौधरी ने नए व्यापार लाने और परंपरागत ट्रैफिक की मात्रा बढ़ाने के लिए डिवीजनों और मुख्यालय के बीडीयू की सराहना की। इसी क्रम में कोविड-19 के फलस्वरूप यात्री सेवाओं के कम संचालन के दृष्टिगत राजस्व के अंतर को समाप्त करने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे में प्रतिदिन 1 करोड़ के अतिरिक्त माललदान के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। महाप्रबंधक ने मण्डलों और सभी विभागों को इस दिशा में समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।

ग्राहकों के साथ नियमित संपर्क
उत्तर मध्य रेलवे में बीडीयू अपने सक्रीय प्रयासों तथा मौजूदा और भावी माल ग्राहकों के साथ नियमित संपर्क की ओर से नया व्यापार लाने में सफलता प्राप्त की हैं। स्टेशन टू स्टेशन (एसटीएस) रियायती दर रेलवे की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो कि निर्धारित मूल और गंतव्य स्टेशनों के बीच इंक्रीमेंटल और निर्दिष्ट वस्तुओं के नए यातायात के लिए माल भाड़े में 30 फीसदी तक रियायत प्रदान करती है। 31 अगस्त को उत्तर मध्य रेलवे ने दतिया, डबरा, एटा, खेरली और रायरू से नए और इंक्रीमेंटल यातायात के लिए स्टेशन से स्टेशन (एसटीएस) रियायती मालभाड़ा दरों को अंतिम रूप दिया है। इसी तरह ललितपुर, हाथरस किला, कबरई, मथुरा सीपीसी कानपुर और पनकीधाम के एसटीएस प्रस्तावों को बहुत जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जिससे माल लदान में और तेजी आएगी।