October 27, 2020

उप जिला चिकित्सालय स्तर तक लगेंगे ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट : शर्मा

जयपुर, 14 अक्टूबर। चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना में ऑक्सीजन की खासी जरूरत होती है, ऐसे में सरकार ने ऑक्सीजन सिस्टम को मजबूत करने के लिए हर पहलू पर काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार उप जिला चिकित्सालय स्तर तक के चिकित्सा संस्थानों तक ऑक्सीजन उत्पादन के प्लांट लगा रही है। डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ऑक्सीजन के उत्पादन, सिलेंडर्स की खरीद समेत सभी बिंदुओं पर गहनता से काम कर रही है और इससे संबंधित सभी कमियों को दूर कर इसे मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऑक्सीजन की मांग में भी निरंतर कमी आ रही है। इससे महसूस कर सकते हैं कि संक्रमण पर अब नियंत्रण होने लगा है। उन्होंने कहा कि कोरोना से लडऩे के लिए सरकार ने चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हाइफ्लो ऑक्सीजन युक्त बैड, वेंटीलेटर्स से लेकर सामान्य बैड तक के बारे में सरकार सभी जरूरी व्यवस्थाएं कर रही है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आह्वान पर प्रदेशभर में एक करोड़ मास्क बांटे जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री जिलों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, उसका भी असर अब आने लगा है। मुख्यमंत्री ने देश के वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों से बात की सबका यही मत था कि आमजन यदि एक महीने पूर्ण अनुशासित होकर मास्क लगाने का प्रण लेगा तो कोरोना की चैन टूट जाएगी।

लॉकडाउन की बजाए अनुशासन है विकल्प
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति सही नहीं है, ऐसे में लॉकडाउन कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की राय के अनुसार मास्क लगाकर, सोशल डिस्टेसिंग रख, बार-बार साबुन या सेेनेटाइजर से हाथ साफ कर अन्य सभी प्रोटोकॉल की पालना करेंगे तो कोरोना का प्रसार आगे बढ़ नहीं पाएगा और संक्रमण के प्रसार में भी गिरावट आने लगेगी।

रिकवरी रेट 85 फीसदी से ज्यादा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सर्वाधिक संक्रमित 10-11 जिलों में धारा 144 लगाकर संक्रमण नियंत्रण करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां कोई ज्यादा फायदा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 1.5 लाख है। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव केसेज बढ़ जरूर रहे हैं, लेकिन 85 प्रतिशत से ज्यादा मरीज ठीक होकर भी घर जा रहे हैं। यहीं नहीं मृत्युदर में भी लगातार गिरावट आ रही है। वर्तमान में 1 प्रतिशत कोरोना से होने वाली मृत्युदर है।