September 25, 2020

ऋषि पंचमी का दिन सप्तऋषियों को याद करने का दिन: वेदांती

जयपुर, 24 अगस्त। ऋषि पंचमी का दिन आज की पीढिय़ों को सप्तऋ र्षियों को स्मरण करने का दिन है। इस दिन वेदाध्ययन करने वाले बटुको का उपनयन संस्कार होता है। यह बात कल राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर एवं आस्था सांस्कृतिक संस्था, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान संस्कृत अकादमी संकुल सभागार, झालाना डूंगरी में आयोजित कार्यक्रम अध्यक्ष महंत हरिशंकर दास वेदान्ती ने कही।
समारोह के मुख्य अतिथि सर्व ब्राह्मण महासभा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने भी ऋषि पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में संस्था के अध्यक्ष बी.एम.शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार) ने उपस्थित विद्वानों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. श्रीकृष्ण शर्मा, प्रो. सुरेन्द्र कुमार शर्मा और प्रो. विनोद बिहारी शर्मा ने सप्तऋषियों को तर्पण, हेमाद्रि संकल्प और नवीन उपनयन धारण करने की शिक्षा पर प्रकाश डाला।

इन्हे किया सम्मानित
संस्था की ओर से विभिन्न विधाओं से जुड़े लोगों का सम्मान किया। इसमें पं. राधेश्याम व्यास समाज सेवा सम्मान से संजय झाला को, महामहोपदेशक विद्यावाचस्पति पं. मधुसूदन ओझा सम्मान से प्रो. सरोज कौशल को, कवि शिरोमणि भट्ट मथुरानाथ शास्त्री सम्मान से डॉ. प्रवीण पण्ड्या को, पद्मश्री डॉ. मण्डन मिश्र स्मृति सम्मान से प्रो.श्रीकृष्ण शर्मा को, पं. सुरजनदास स्वामी दर्शन सम्मान से गणेशीलाल सुथार को, म.म.कल्याणदत्त ज्योतिष सम्मान से श्रीमती शशिप्रभा स्वामी को, वैदिक शिवदत्त जोशी वेद सम्मान से अमित शर्मा को, पं. मोतीलाल जोशी स्मृति सम्मान से प्रो. सुरेन्द्र कुमार शर्मा को, पं. गंगासहाय जोशी धन्वन्तरी सम्मान से डॉ. दयाराम स्वामी को, पं. शिवचरण शास्त्री ज्योतिष सम्मान से पुनीत शर्मा को, पं. रामप्रपन्न शर्मा व्याकरण सम्मान से चन्द्रप्रकाश शर्मा को, पं. नवलकिशोर कांकर वेद वेदांग सम्मान से शिवचरण शर्मा को, आचार्य उमेश शास्त्री ज्योतिविद् सम्मान से डॉ. अरविन्द्र कुमार शर्मा को, पं. राधेलाल चौबे पत्रकारिता सम्मान से रामकिशन सैनी को, राजगंगा नवोदित प्रतिभा सम्मान से नवीन जोशी व विनोद कुमार शर्मा को सम्मानित किया गया। राजस्थान संस्कृत अकादमी के निदेशक संजय झाला ने आए सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह का संयोजन डॉ. सुरेन्द्र कुमार शर्मा एवं चेतन व्यास ने किया।