December 1, 2020

एक महीने के लिए बढ़ी इमर्जेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम का की समय सीमा 30 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक इस स्कीम के तहत 2.03 लाख करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत किया जा चुका है जिसमें से 1.48 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया भी जा चुका है। स्कीम के तहत करीब 60.67 लाख कर्जदारों को ये फायदा मिला है। इस स्कीम की मियाद 31 अक्टूबर को ही खत्म हुई थी लेकिन कारोबारियों और गैरबैंकिंग वित्तीय संस्थाओं की तरफ से इसे और बढ़ाने की मांग की गई थी। फाइनेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल यानि एफआईडीसी ने इस बारे में वित्तमंत्री को चि_ी लिखकर समय सीमा दिसंबर आखिर तक बढ़ाने की मांग की थी। चि_ी में ये भी कहा गया था कर्ज स्वीकृत करने की तारीख 2 महीने और कर्ज देने की समय सीमा मार्च 2021 तक बढ़ाई जाए लेकिन इसे सिर्फ 30 नवंबर तक ही बढ़ाया गया है। स्वीकृत कर्ज 31 दिसंबर तक लिया जा सकेगा। एफआईडीसी की तरफ से सरकार को बताया गया है कि अभी भी करीब 4-5 लाख लोगों ने स्कीम के बारे में पूछताछ की है और अगर सरकार सभी पात्र कैटेगरी के लिए इसका दायरा बढ़ाएगी तो उन्हें राहत मिलेगी। एफआईडीसी चेयरमैन रमन अग्रवाल ने बताया कि स्कीम के शुरुआती दिनों में लोगों को इसे समझने और क्रेडिट गारंटी के लिए पात्र ग्राहकों तक पूरी जानकारी पहुंचाने में समय लग गया। ौजूदा समय में जिस रफ्तार से आर्थिक गतिविधियां चल रही हैं, अभी भी 4-5 लाख लोगों को इससे सहारा मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस कदम से अर्थ व्यवस्था को सहारा मिलेगा। अक्टूबर महीने में जीएसटी संग्रह ने एक लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसे आने वाले दिनों में इस तरह के स्कीम को एक महीने और जारी रखा गया है ताकि अर्थव्यवस्था में मजबूती की ये रफ्तार न रुके। केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर राहत पैकेज के तहत 3 लाख करोड़ रुपये के कर्ज ये स्कीम लॉन्च की थी जिसमें कर्ज की गारंटी सरकार ने ली है। जिसके तहत छोटे कारोबारी, कारोबारी प्रतिष्ठान, कारोबारी उद्देश्य से लिए गए निजी कर्ज और मुद्रा लोन लेने वाले लोगों को मौजूदा बकाया कर्ज पर 20 फीसदी अतिरिक्त कर्ज देने की व्यवस्था की गई थी।