Fri. Jul 3rd, 2020

एक साल तक पानी का कोई संकट नहीं

जयपुर, अजमेर, उदयपुर समेत प्रमुख शहरों में बांध में भरपूर है पानी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 30 जून। राजस्थान में हालांकि मानसून की अच्छी बरसात का बेसब्री से इंतजार हो रहा है, लेकिन इस बार यहां के बांधों में इतना पानी है कि मानसून ठीक ठाक भी बरस गया तो राजस्थान को अगले एक साल तक पानी के लिए बहुत ज्यादा परेशान नहीं होना होगा। प्रदेश के बांधों में बांध करीब 40 प्रतिशत पानी है जो बीते साल के मुकाबले 13 प्रतिशत ज्यादा है। दो बांध पूरे भरे हुए हैंं, जबकि 742 में से 250 बांध आंशिक भरे हुए हैंं। राजस्थान मेंं मानसून का प्रवेश हो चुका है और एक जून से 27 जून तक 58 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है जो सामान्य से 24.9 प्रतिशत ज्यादा है। इस बार पूरे देश सहित राजस्थान में भी अच्छी बारिश की उम्मीद जताई गई है। अभी दो दिन से बारिश का दौर ढीला है। मौसम विभाग ने 30 जून के बाद अच्छी बारिश की सम्भावना प्रकट की है। उम्मीद है कि इस बार बारिश थोडी भी ठीक हो गई तो बाधों और तालाबों आगे की एक साल की जरूरत लायक पानी आ जाएगा। राजस्थान में आमतौर पर मानसून बहुत अच्छा नहीं रहता और हर दूसरे तीसरे वर्ष अकाल की स्थिति बनती है। नदियां बहुत कम है, इसलिए पेयजल और सिंचाई के लिए आम जनता बांधों और तालाबों पर ही मुख्य तौर पर निर्भर है।

किस शहर में कितना है पानी
पिछले वर्ष मानसून की शुरूआत के समय राजसथान के बांधों में सिर्फ 27 प्रतिशत पानी था। जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा को पानी पिलाने वाला बीसलपुर बांध तो बिल्कुल खाली हो चुका था, वहीं पाली में पानी पहुंचाने के लिए ट्रेन चलानी पड़ी थी, लेकिन बाद में मानसून जम कर बरसा और तीन चार जिलों को छोड कर पूरे राजस्थान में सामान्य से ज्यादा और उदयपुर व कोटा सम्भागों में असामान्य बारिश दर्ज की गई। बीसलपुर बांध भी लबालब हो गया और बाद में तो इतना पानी निकालना पड़ा कि एक बार बांध वापस भर सकता था। पाली में भी जवाई बांध में भरपूर पानी आ गया। सभी बांधों की बात करें तो इन बांधों की भराव क्षमता का 80 प्रतिशत से ज्यादा पानी आ गया था। इसी का नतीजा है कि इस बार मानसून की शुरूआत के समय राजस्थान के बांधों में 27 जून को 39.77 प्रतिशत पानी था, जबकि पिछले वर्ष इस समय तक 27.62 प्रतिशत पानी ही मौजूद था। ऐसे में इस बार लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा पानी मौजूद है। प्रदेश के 22 बड़े बांधों में 55 फीसदी, मध्यम श्रेणी के 256 बांधों में 15 फीसदी और और छोटे 464 बांधों में 6 फीसदी पानी है।