Tue. Jul 16th, 2019

ऑस्ट्रेलिया की नजरें 8वीं बार फाइनल खेलने पर

आज मेजबान इंग्लैंड से खेलेगी सेमीफाइनल

बर्मिंघम, (एजेंसी)। पांच बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया आज एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के साथ होने वाले वल्र्डकप के दूसरे सेमीफाइनल को जीतकर आठवीं बार फाइनल में कदम रखना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड क्रिकेट टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने चौथी बार फाइनल खेलने के इरादे से मैदान में उतरेगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम वर्ष 1975, 1987, 1996, 1999, 2003, 2007 और 2015 के फाइनल में पहुंच चुकी है, जिसमें से वह 1975 और 1996 में ही उपविजेता रही है। बाकी हर बार उसने खिताब पर कब्जा जमाया है। दूसरी तरफ इंग्लैंड की टीम इससे पहले 1979, 1987 और 1992 में फाइनल में पहुंच चुकी है, लेकिन तीनों बार उसे उप विजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा।

पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर रही ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्वकप के इस संस्करण के ग्रुप चरण में 9 मैचों में 7 जीत और 2 हार के साथ 14 अंक लेकर दूसरी नंबर पर रही थी। वहीं, इंग्लैंड की टीम 9 मैचों में 6 जीत और 3 हार के साथ 12 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर रही थी। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया सबसे पहले सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी थी, जबकि इंग्लैंड ने भारत और न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया था। ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका के हाथों अपना अंतिम लीग मैच 10 रनों से हार गई थी, अन्यथा वह शीर्ष स्थान के साथ लीग चरण का समापन करती।
विश्वकप शुरू होने से पहले यह कहा जा रहा था कि मेजबान इंग्लैंड और भारत इस खिताब के दावेदार हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से अपने लिए संभावनाएं जगा दी हैं। इंग्लैंड को लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 64 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की अंतिम एकादश में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पीटर हैंड्सकॉम्ब को चोटिल शॉन मार्श की जगह टीम में शामिल किया है और वह अब इस विश्वकप में अपना पहला मैच खेल सकते हैं। वहीं, मासपेशियों में खिंचाव की शिकायत की वजह से उस्मान ख्वाजा को विश्वकप से बाहर होना पड़ा है और विकेटकीपर मैथ्यू वेड को टीम में शामिल किया है।

टॉस जीतकर पहले बैटिंग करना चाहेगा ऑस्ट्रेलिया
इस विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया को दोनों हार रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मिली है। पहली हार उसे भारत के खिलाफ और दूसरी हार दक्षिण अफ्रीका से मिली। ऐसे में टीम चाहेगी कि वह टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करे। वहीं हर बार की तरह इस बार भी ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर अपने ओपनर डेविड वॉर्नर से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जो टूर्नमेंट के 9 मैचों में अब तक 638 रन बना चुके हैं। वहीं, गेंदबाजी में टीम को मिशेल स्टार्क से काफी उम्मीदें होगी, जो अब तक इस विश्वकप में 26 विकेट चटका चुके हैं। दूसरी तरफ इंग्लैंड की टीम अपने अनुभवी बल्लेबाज जो रूट और जॉनी बेयरस्टो से काफी उम्मीदें लगाए होगी, जो अब तक क्रमश: 500 और 462 रन जड़ चुके हैं। गेंदबाजी में जोफरा आर्चर अब तक 17 विकेट झटक चुके हैं जबकि मार्क वुड के खाते में 16 विकेट हैं।