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कम निवेश में अधिक रोजगार प्रदायी करने वाला क्षेत्र है एमएसएमई : मिश्र

माइक्रो, स्मॉल, मीडियम एन्टरप्राइजेज सम्मेलन

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 8 नवम्बर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कम निवेष में अधिक रोजगार प्रदायी करने वाले क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र की भूमिका भारत में ही नहीं विश्व में भी प्रभावशली है। अंतरिक्ष और समुद्र में हो रहे अनुसंधानों में भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्यपाल मिश्र गुरूवार को दुर्गापुरा स्थित होटल रॉयल आर्किड में फिक्की द्वारा आयोजित माइक्रो, स्मॉल व मीडियम एन्टरप्राइजेज के तीसरे सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा का युग है। वैष्विक मंदी की कठिनाइयां भी है। राज्यपाल ने उद्यमियों का आव्हान किया कि वे समस्याओं से घबराये नही, मिल-जुल कर संघर्ष करें। केन्द्र और राज्य सरकार को इस क्षेत्र के महत्व का एहसास है। सरकारी स्तर पर इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने व विकसित करने के लिए गंभीरता से प्रयास किये जा रहे है। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि भारत में कृषि के बाद एम.एस.एम.ई. रोजगार सृजन में दूसरा बड़ा क्षेत्र है। यह क्षेत्र 20 प्रतिशत निवेष के साथ 80 प्रतिशत रोजगार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 31 प्रतिशत योगदान है। मिश्र ने बताया कि एम.एस.एम.ई. का 45 प्रतिशत निर्यात में और 34 प्रतिशत विनिर्माण उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान है।

युवाओं की बढ़े भागीदारी: राज्यपाल मिश्र ने कहा है कि पूरे देश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और रोजगार की राष्ट्रीय अनिवार्यता को एम.एस.एम.ई. क्षेत्र पूरा करने का प्रयास कर रहा है। राष्ट्र के हित में इस क्षेत्र का विकास किया जाना जरूरी है। इस क्षेत्र के उद्यम नए युग के उद्यमियों के विकास के लिए पोषण और समर्थन का कार्य करते है। मिश्र का मानना था कि इस क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि नवाचार व अनुसंधान भी इस क्षेत्र में किये जाने चाहिए। राज्यपाल ने एक नए एम.एस.एम.ई. बिजनेस ईको सिस्टम को विकसित करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गुणवत्ता वाले उत्पाद और सेवा को बढ़ावा मिल सकेगा। राज्यपाल ने उद्योग आधारित मेमोरेण्डम, जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट के साथ उद्योगों की रूपरेखा बनाने की आवष्यकता जताई है। राज्यपाल ने कहा कि एम.एस.एम.ई. क्षेत्र में ऑनलाइन पंजीकरण इसीलिए शुरू कराया गया। ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। इस सुविधा से राष्ट्र और राज्य स्तर पर उद्योग पंजीकृत हो रहे है, जिसके परिणाम सार्थक दिखाई दे रहे हैं। राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि राजस्थान में 96 प्रतिषत सूक्ष्म उद्योग पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि राज्य में सूक्ष्म उद्योग अर्थव्यस्था की रीड़ है। श्री मिश्र ने बैंको का आव्हान किया वे सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहित करें ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकें। सम्मेलन को स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के महाप्रबंधक श्री एस. रवि और रिसर्जेन्ट इण्डिया लिमिटेड के प्रबन्ध निदेषक श्री ज्योति प्रकाष गाडिया ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन में स्वागत उद्बोधन फिक्की के श्री रनधीर विक्रम सिंह ने और श्री रजनीष सिंघवी ने आभार ज्ञापित किया।