Fri. Jul 3rd, 2020

करप्शन नीति पर अमल, धड़ाधड़ हो रही कार्रवाई

सरकार ने अपनाई जीरो टोलरेंस नीति

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 30 जून। गहलोत सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसीबी मुख्यालय में तेज-तर्रार पुलिस अधिकारियों को भ्रष्टाचार खत्म करने की जिम्मेदारी दी। हर सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ये साफ कर दिया कि राजस्थान में अब सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार जीरो टोलरेंस के साथ काम करेगी। भरतपुर पुलिस रेंज में हुई एसीबी की कार्रवाई इसी की एक बानगी है। जो दलाल एसीबी ने गिरफ्तार किया,उसका रसूख काफी बड़ा था। भरतपुर पुलिस रेंज आईजी के सरकारी आवास से घूस का खेल चलाने वाला अब एसीबी की गिरफ्त में है और जांच की आंच आईजी लक्ष्मण गौड़ तक भी पहुंच सकती है।
करप्शन के विरुद्ध सीएम गहलोत कितने एक्टिव इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन से पहले सीएम गहलोत खुद एसीबी मुख्यालय पहुंचे और भ्रष्टाचार की उन सभी बड़ी मछलियों को इशारा कर दिया कि घूसखोरी के खिलाफ राजस्थान एसीबी एक्शन लेने के लिए पूरी तरह फ्री हैंड रहेगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने एसीबी मुख्यालय में जाकर करप्शन की शिकायत करने वाले परिवादियों को भी बड़ी राहत थी। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर से लेकर परिवादियों के संबंधित विभाग में कामकाज नहीं अटकें इसके लिए एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया।

घूसखोरी के समुंदर में गोते लगाने वाली बड़ी मछलियों सावधान
घूसखोर अब मुख्यमंत्री की रडार पर हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाने वाली बड़ी मछलियों की रातों की नीदें उड़ चुकी हैं। दिन का चैन खो गया है। रिश्वत लेने वाले और उनके सिपहसालार सावधान हो गए हैं। एसीबी के डीजी डॉ.आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन के सुपरविजन में लगातार एसीबी बड़े घूसखोरों को पकड़ती जा रही है लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि ये बड़ी से बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एसीबी को ये फ्री हैंड सरकार ने दिया है।

जून की तपिश में भी रिश्वत के कीड़े हुए एक्टिव
लॉकडाउन में रिश्वतखोरी का खेल भी मंदा रहा। अनलॉक के शुरू होते ही सामान्य गतिविधियां चालू हुई तो रिश्वत का यह गंदा खेल भी पहले की तरह चल पड़ा। एसीबी की लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्थिति सामने आई है। राजस्थान में आम जनता,व्यवसाय करने वाले लोग हर शख्स परेशान हैं। घूसखोर मछलियों को खासी दिक्कतें हुई और करीब तीन महीने तक सरकारी सिस्टम की ये घूसखोर मछलियों को रिश्वत की मलाई खाने को नहीं मिली।

जून में हुई कुछ कार्रवाई

  • भरतपुर रेंज आईजी लक्ष्मण गौड़ के नाम से उनके सरकारी आवास से फोन कर रेंज के थानाधिकारियों से घूस लेने वाला दलाल प्रमोद शर्मा गिरफ्तार।
  • टोंक में शिक्षा विभाग में मुख्य जिला शिक्षाधिकारी शिवजी राम यादव को व्याख्याता सीताराम अग्रवाल के साथ जयपुर एसबी ने 96 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
  • चित्तौडग़ढ़ जिले के गंगरार पंचायत समिति के बीडीओ को 50,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों ट्रैप किया है। बीडीओ रूप सिंह गुर्जर रिश्वत की यह राशि अपने ही कार्यालय में कनिष्ठ सहायक पद पर कार्यरत अनिल यादव से ले रहा था।
  • राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम के परियोजना निदेशक लक्ष्मण सिंह को 3.65 लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा। मामले में ठेकेदार राजेश वाधवा के अलावा पर्यवेक्षण अधिकारी नरेन्द्र मोहन शर्मा और ठेकेदार रामसिंह भी गिरफ्तार हैं।
  • सांगानेर थाने के हैड कांस्टेबल तेजराम के लिए रिश्वत के 20 हजार वसूलते दलाल हनुमान गिरफ्तार।