October 23, 2020

कर लो बात..विधायक-सांसद से भी धनवान सरपंच

जयपुर की 70 ग्राम पंचायतों में 50 धनकुबेर

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 2 अक्टूबर। लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी पंचायत अब धनवानों के हाथ में है। हाल ही में पंचायत चुनाव में पंच-सरपंचों की ओर से घोषित संपत्ति के आंकड़े इस सच्चाई से रूबरू करवा रहे हैं। सरपंचों की संपत्ति में तो कई विधायक और सांसद भी पीछे हंै। पहले चरण में जयपुर की 70 पंचायतों में से चुने गए सरपंचों में तीन करोड़पति और 47 लखपति हैं। तीन करोड़पति सरपंचों में दो महिला सरपंच हैं। चुनाव में गांव की सरकार की कमान 72 फीसदी लखपति से लेकर करोड़पति के हाथों में है। कुछ नवनिर्वाचित सरपंच ऐसे भी हैं जिनके पास एक रुपए का भी बैंक बैलेंस नहीं है फिर भी मैदान में अन्य प्रत्याशियों को पटखनी देकर गांव के मुखिया की कुर्सी पर बैठ गए हैं। जयपुर जिले की आंधी,फागी और किशनगढ रेनवाल की 70 ग्राम पंचायतों चुनी गई गांव की सरकार के मुखियाओं की संपत्ति और उनका प्रोफेशन को खंगाला गया तो चौकाने वाली चीजें सामने आई। इस बार 67 फीसदी लखपति सरपंचों के हाथ में गांव की सरकार की कमान है। 3 पंचायत में करोड़पति के हाथ गांव की सरकार की चाबी है। 9 सरपंच ऐसे भी हैं जिनका कोई बैंक बैलेंस नही हैं फिर भी जीत गए। 11 सरंपचों के पास 3.50 लाख रूपए की संपत्ति है। सबसे अमीर किशनगढ-रेनवाल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बधाल के विजय जाट है जिनकी संपत्ति 9 करोड़ 10 लाख 60 हजार है। फागी पंचायत समिति में मंडूर ग्राम पंचायत की महिला सरपंच सुरज्ञान के पास 5 करोड़ 10 लाख और परवन ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित महिला सरपंच रतन कंवर के पास 2 करोड़ 3 लाख की संपत्ति है।

होनिका सबसे छोटी सरपंच
पंचायत चुनाव में भले ही महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण हो लेकिन हाल ही में हुए जयपुर जिले की तीन पंचायत समितियों की 70 ग्राम पंचायतों में 58 फीसदी महिलाओं के हाथ में गांव की सरकार की कमान पांच साल रहेगी। सबसे कम उम्र की सरपंच किशनगढ रेनवाल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बागावास की 21 साल की होनिका बुनकर बनी। सबसे उम्रदराज सरपंच फागी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत चकवाड़ा में 82 साल की केसर बनी।

पहले चरण के चुनाव के बाद की तस्वीर
तीन पंचायत समितियों की 70 ग्राम पंचायतों में हुए चुनाव। 40 महिला सरपंचों के हाथ में गांव की सरकार की कमान। 47 लखपति, 3 करोडपति सरपंच। 11सरपंचों के पास 3.50 लाख की संपत्ति। 58 फीसदी महिलाओं के हाथ में गांव की सरकार की कमान। 19 किसान सरपंच, 36 चूल्हा-चाकी संभालने वाली महिलाओं के हाथ में।