Wed. Jul 17th, 2019

कहीं ट्रेन से पहुंचा पीने का पानी कहीं बाढ़ से लाखों लोग परेशान

नई दिल्ली, 13 जुलाई (एजेंसी)। मानसून पूरे देश पर छा गया है, लेकिन कहीं बहुत ज्यादा बारिश हो रही है तो कहीं इंद्र देवता ने ब्रेक ले लिया है। शुक्रवार को यही स्थिति देखने को मिली जब कुछ महीनों से गंभीर पानी के संकट से जूझ रहे चेन्नई को राहत पहुंचाने के लिए 25 लाख लीटर पानी लेकर एक ट्रेन यहां पहुंची। वहीं असम और बिहार में बाढ़ से लाखों लोग परेशान हैं। बिहार और पूर्वोत्तर में बाढ़ और बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। उत्तर बिहार में लगातार पांचवें दिन शुक्रवार को भी भारी बारिश हुई। नदियों में उफान से निचले इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। बारिश के दौरान घर गिरने और पानी भरे गड्ढे में डूबने से सात लोगों की मौत हो गई। पूर्वोत्तर में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई। असम में बाढ़ से 8.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। उप्र में नौ दिनों में वर्षाजन्य हादसों में 14 लोगों की मौत हुई है। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते भारत के तराई इलाकों की तरफ आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसमें उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले प्रभावित हो रहे हैं। पूर्वोत्तर में असम में भारी बारिश के बाद हुए हादसों में छह लोगों की मौत हो गई। असम में 33 जिलों में से 21 में ब्रह्मपुत्र व उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। इससे 8.7 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बक्सा जिले में सेना को बुलाना पड़ा। 41 राजस्व सर्कलों के 800 गांव पानी में डूबे हैं। दो हजार लोगों को 53 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। काजीरंगा नेशनल पार्क में भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। अरुणाचल प्रदेश में तवांग जिले में एक सरकारी स्कूल के हॉस्टल की दीवार ढह जाने से दो छात्र जिंदा दफन हो गए। राजधानी ईटानगर में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। सड़कें जाम हो गईं। सिक्किम भी देश के बाकी हिस्से से कटा हुआ है। वहां जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई।

राजस्थान में मानसून ने लिया ब्रेक, पारा फिर चढ़ा
इधर पश्चिमी प्रदेशों की तरह राजस्थान में भी मानसून कमजोर पड़ गया है। यहां 2 जुलाई को बांसवाड़ा-डूंगरपुर के रास्ते मानसून ने झूम के दस्तक दी थी और 4 जुलाई को जयपुर में मानसून की पहली बारिश हुई थी, लेकिन उसके बाद से ही मानसून ठहर गया है। पिछले 5 दिनों से खास बारिश नहीं हुई है। मानसून के ब्रेक के चलते राजस्थान में हफ्तेभर से गर्मी का दौर लगातार जारी है। मानसून की आहट के बाद बारिश न होने से गर्मी एक बार फिर बढऩे लगी है। बीकानेर, चूरू, गंगानगर और जैसलसमेर में पारा 40 डिग्री के ऊपर पहुंच चुका है। राजधानी जयपुर में भी बीती रात पारा 28.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग की माने तो अभी एक हफ्ते प्रदेश में कई भी बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। जिससे गर्मी बढऩे के आसार हैं।

एक हफ्ते तक बारिश की उम्मीद नहीं
मानसून कमजोर पडऩे और बारिश का क्रम टूटने से एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही उमस का असर भी तेज होने लगा है। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में कही भी एक हफ्ते तक बारिश की उम्मीद नहीं है। जयपुर में तो करीब एक हफ्ते की देरी से पहुंचे मानसून के बादल न तो गरजे ना बरसे। जिले के आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश जरूर हुई।

क्यों कमजोर पड़ा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में जिस साइक्लोनिक सिस्टम से मानसून मजबूत होकर आगे बढ़ा था, वह अब कमजोर पड़ गया है। इससे कई जगह मानसून की एंट्री के बाद भी बारिश नहीं हुई। बंगाल की खाड़ी के एक सिस्टम ओर बन रहा है, जिसके चलते अगले हफ्ते राज्य के पूर्वी इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना है। स्कायमेट के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में कई स्थानों पर बहुत कम बारिश हुई है। आमतौर पर पूरे देश में छाने के बाद मानसून ब्रेक लेता है, लेकिन ऐसा अगस्त में ज्यादा होता है। इस बार जुलाई में मानसून ने ब्रेक ले लिया है। इसके पीछे अल नीनो को भी जिम्मेदार ठहाराया जा रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। हालांकि इस दौरान उत्तर-पूर्व और हिमालयी क्षेत्र में अच्छी बारिश हो सकती है।