Wed. Sep 18th, 2019

कांग्रेस और भाजपा ने की रणनीति पर चर्चा

निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 7 सितम्बर। राजस्थान में नवंबर में होने वाले निकाय चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रदेश भाजपा बड़े स्तर की योजना बना रही है। उधर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भी मोर्चा बंदी शुरू कर दी है। हर निकाय के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक भाजपा की अलग रणनीति बनेगी। प्रस्तावित निकाय चुनाव में जयपुर नगर निगम सहित 51 निकायों के चुनाव होंगे। लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद प्रदेश में यह पहला बड़ा चुनाव होगा। मौजूदा कांग्रेस सरकार ने नगरीय निकायों का नए सिरे से परिसीमन कर हर निकाय में वार्ड बढ़ाए हैं और यह परिसीमन ही भाजपा के लिए कुछ परेशानी खड़ी कर रहा है, क्योंकि निकाय चुनाव के परिसीमन में अकसर सत्ताधारी दल के नेताओं का वर्चस्व रहता है। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा ने भी यही किया था और अब कांग्रेस ने भी इसी राजनीतिक पैंतरे को अपनाया है। हाल ही में भाजपा की निकाय चुनाव प्रबंधन कार्यशाला में भी वार्डों के परिसीमन पर काफी देर तक चर्चा हुई और इसकी काट ढूंढने के उपायों पर भी विचार किया गया। जयपुर जैसे बड़े शहर में तो सरकार ने एक साथ 60 वार्ड बढ़ा दिए हैं। वार्ड परिसीमन के साथ ही निकाय प्रमुख का सीधा चुनाव भी इस बार के निकाय चुनाव को बड़ा चुनाव बना रहा है। भाजपा इस चुनाव को लोकसभा चुनाव जितना ही अहम मान रही है। पार्टी ने इसकी अभी से तैयारी शुरू कर दी है। बड़े नेताओं को अलग-अलग निकायों की जिम्मेदारी दी जाएगी और हर निकाय का चुनाव अलग रणनीति से लड़ा जाएगा।

कांग्रेस ने शैक्षणिक योग्यता का बैरियर हटाया
दूसरी तरफ सत्तारूढ़ कांग्रेस ने लगभग एक सप्ताह पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बैठक कर निकाय चुनाव के लिए मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस राज्य सरकार के कामकाज के दम पर निकाय चुनाव में जीत का दाव खेल रही है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पूर्व किए गए वादे के मुताबिक निकाय चुनाव लडऩे के लिए शैक्षणिक योग्यता का बैरियर पहले ही हटा दिया है। वह इसको भुनाने के साथ ही बजट की घोषणाओं को भी निकाय चुनाव में जनता के बीच जाएगी। निकाय चुनाव के लिए दोनों पार्टियों ने अपने अपने तरीके से तैयारियां शुरू जरुर कर दी है, लेकिन शहरी सरकार का सेहरा जनता किसके सर बाधेंगी यह तो चुनाव परिणाम आने पर ही पता चल पाएगा।

188 से बढ़कर 193 हुए निकाय
प्रदेश में अभी तक 188 निकाय थे, लेकिन परिसीमन के बाद इनकी संख्या बढ़कर 193 हो गई है। खाटूश्यामजी, थानागाजी, महुआ, नसीराबाद और परतापुर नए निकाय बने हैं।निकाय चुनाव 3 चरण में होने हैं। पहले चरण में 51 निकायों के चुनाव नवंबर माह में होना प्रस्तावित है। इनमें 25 जिलों की 64 विधानसभा क्षेत्रों में निकाय चुनाव होंगे। इस चरण में अजमेर को छोड़ कर 6 नगर निगमों में भी चुनाव होंगे।