September 21, 2020

कांग्रेस के नए मुखिया को लेकर आज मंथन

हाइलाइट्स: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक आज , सोनिया गांधी छोड़ सकती हैं अध्यक्ष पद, 3-6 महीने में हो सकता है शीर्ष पद के लिए चुनाव

विशेष संवाददाता
नई दिल्ली, 24 अगस्त। कांग्रेस कार्यसमिति की आज होने वाली बैठक में क्या होने वाला है , कांग्रेस नेताओं को यही सवाल परेशान किए हुए है।
एक तरफ पार्टी का वो धड़ा है, जिसने पार्टी की मौजूदा परिस्थितियों पर सवाल खड़े किए हैं और दूसरी तरफ पार्टी का वह धड़ा है, जो इन नेताओं के खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है। तमाम राज्य इकाइयों से लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्र लिखने वाले नेताओं के कहम को गलत बताया है।

सोनिया गांधी से अध्यक्ष पद पर बने रहने की मांग: सबसे प्रबल संभावना इस बात की है कि सभी सदस्य एक स्वर और सुर में सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा दिखाकर उनसे अध्यक्ष बने रहने की अपील करें।

अगर सोनिया इनकार करती हैं तो?
इस परिस्थिति में सभी सदस्य राहुल गांधी से वापस अध्यक्ष का पद संभालने की मांग रख सकते हैं। हालांकि सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी अपने एक साल पहले लिए गए स्टैंड पर कायम हैं और वह किसी भी सूरत में अध्यक्ष पद स्वीकार नहीं करेंगे।

3 से 6 महीने में नए अध्यक्ष का हो सकता है चुनाव
राहुल गांधी के इनकार करने की परिस्थिति में चुनाव की मांग रखी जाएगी। ऐसे में पहले ही पार्टी के पास सभी राज्यों के इलेक्टोरल कॉलेज है, सिर्फ हरियाणा और कुछ इक्का-दुक्का राज्यों के एआईसीसी डेलीगेट चुनने की प्रक्रिया बाकी है, जिसमें लगभग 2 महीने और लग सकते हैं। कुल मिलाकर चुनाव की स्थिति में लगभग 9000 से 10000 डेलीगेट अध्यक्ष पद का चयन करते है। 2019 में जब सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था तो 6 महीने के भीतर चुनाव कराकर यह प्रक्रिया खत्म होनी थी, मगर कोरोना की के चलते ऐसा नहीं हो पाया। ऐसे में एक निर्धारित टाइमलाइन यानी 3 से 6 महीने के भीतर नए अध्यक्ष को चुनने का फैसला लिया जा सकता है। तब तक सोनिया गांधी से अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर बने रहने की अपील की जाएगी।

वफादार को मिल सकती है अंतरिम अध्यक्ष की कुर्सी
सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी की तबीयत बहुत ठीक नहीं है। दूसरी तरफ जिस तरह से पार्टी के दिग्गज नेताओं ने चि_ी लिखी है, उसको लेकर भी 10 जनपथ सचेत है। ऐसे में अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर किसी विश्वसनीय नेता को चुनना पड़ेगा। पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी और डॉक्टर मनमोहन सिंह के नाम भी सामने आ सकते हैं, लेकिन अगर खराब स्वास्थ्य के कारण सोनिया गांधी पद छोड़ रही हैं तो उनके नामों पर मुहर लगने की संभावना काम ही है। ऐसे में पार्टी का कोई वफादार नेता जिसने लंबे समय से संगठन में काम किया, उसका नाम अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सामने रखा जा सकता है। मल्लिकार्जुन खडग़े, सुशील कुमार शिंदे जैसे सरीखे नेता भी इस पद के दावेदार हो सकते हैं। अंतरिम अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव किया जाएगा।

पत्र में टूटा सब्र : भरोसा खो रही पार्टी को संभालो

विशेष संवाददाता
नई दिल्ली, 24 अगस्त। कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चि_ी लिखकर बड़े बदलावों की मांग रखी है। इन नेताओं में कांग्रेस कार्यसमिति के कई सदस्यों के अलावा पांच पूर्व मुख्यमंत्री,कई सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। चि_ी में साफ कहा गया है कि पार्टी अपना सपोर्ट बेस खो रही है और युवाओं का भरोसा भी। रिपोर्ट के अनुसार नेतृत्व पर सवाल खड़े करते हुए इन नेताओं ने एक पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व की मांग की है जो न सिर्फ काम करता नजर आए बल्कि असल में जमीन पर उतरकर काम करे भी। इसके अलावा पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए योजना बनाने की भी मांग की गई है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की सेहत के लिए पार्टी का मजबूत रहना जरूरी है। चि_ी में कहा गया कि कांग्रेस ऐसे समय कमजोर पड़ी है जब देश राजनीतिक,आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। लोकसभा चुनाव में हार के साल भर बाद भी पार्टी ने आत्मनिरीक्षण नहीं किया है।

इन नेताओं के हस्ताक्षर:– पत्र में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्रियो आनंद शमा,कपिल सिब्बल,मनीष तिवारी,शशि थरूर, सांसद विवेक तनखा, मुकुल वासनिक और जितिन प्रसाद के नाम हैं। पूर्व मुख्यमंत्रियों भूपिंदर सिंह हुड्डा, राजेंद्र कौर भटट्ल,एम वीरप्पा मोइलीए पृथ्वीराज चव्हाण, पीजे कुरियन,अजय सिंह, रेणुका चौधरी और मिलिंद देवड़ा के भी पत्र पर हस्ताक्षर हैं। प्रदेश कमेटियां संभाल चुके राज बब्बर, अरविंदर सिंह लवली और कौल सिंह ने भी चि_ी को समर्थन दिया है। अखिलेश प्रसाद सिंह, कुलदीप शर्मा, योगानंद शास्त्री और संदीप दीक्षित के भी हस्ताक्षर हैं।

पत्र को लेकर गहलोत नाराज
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर 23 सीनियर नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को लिखी गई चि_ी पर नाराजगी जताई है। सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा, 23 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को पत्र लिखने की खबर अविश्वसनीय है। यदि यह सच है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मीडिया में जाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। मेरा मानना है कि इस कठिन समय में जब हमारे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है, सोनिया गांधी को पार्टी का लगातार नेतृत्व करते रहना चाहिए। उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर चुनौती ली है। सोनिया गांधी ने पार्टी की बागडोर 1998 में संभाली और सभी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पार्टी को एकजुट रखा हुआ है। वह 1998 में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी अध्यक्ष बनीं और पार्टी की रक्षक बनी रही हैं। आज स्वास्थ्य ठीक नहीं होने बावजूद उन्होंने कांग्रेस कुनबा को एक जुट बनाये रखा है। क्या यह कम बात है? लोकतंत्र अभी खतरे में है और लोकतंत्र को बचाना एक चुनौती है इसलिए हम लोगों को पीछे नहीं हटना चाहिए। गांधी परिवार ने पार्टी को एकजुट रखा है और इस संकट की घड़ी में हमें उनकी जरूरत है। उन नेताओं ने पार्टी के साथ लंबे समय तक काम किया है और उनसे यह उम्मीद नहीं थी जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने ऐसा पत्र लिखा है।