September 27, 2020

कार से आए, बिना रुके दी श्रद्धांजलि और निकल लिए

अहमदाबाद, 24 अगस्त (एजेंसी)। कोरोना के चलते धार्मिक, सामाजिक व पारिवारिक हर तरह के कामकाज प्रभावित हुए हैं। किसी के निधन के बाद अब महामारी की मार्गदर्शिका के मुताबिक तीये की बैठक बेसणा (मौत के तीसरे दिन श्रद्धांजलि) का आयोजन नहीं कर सकते लेकिन अहमदाबाद में ड्राइव थ्रू शोक सभा व टेलीफोनिक बेसणा की खूब चर्चा है। अहमदाबाद के पॉश इलाके सैटेलाइट के शिवालिक बंगले में रहने वाली एक युवती पन्ना ठक्कर के निधन के बाद उनके परिजनों ने गत रविवार ड्राइव थ्रू बेसणा तीये की बैठक अर्थात कार में बैठे-बैठे ही श्रद्धांजलि देने का आयोजन किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। इसमें जहां कुछ लोग उनके इनोवेटिव आइडिया की सराहना करते हैं तो कुछ लोग कोरोना महामारी के दौर में भी सामाजिक परंपरा को निभाने का एक अनोखा तरीका खोज निकालने के कायल हैं। बेसणा में शामिल होने वालों को कार में बैठे-बैठे ही शोक संतप्त परिजनों के बंगले के बाहर से गुजरना था। मुंह पर मास्क पहने, ड्राइवर सीट पर बैठे-बैठे ही महिला कार्यकर्ताओं की थाली में श्रद्धा सुमन व संकल्प छोड़कर रवाना हो जाना था। पन्ना के शोक संतप्त परिजनों ने बंगले के बाहर शामियाना लगवाया तथा सोसायटी के पूरे रास्ते पर पन्ना के आदमकद फोटो लगाए तथा फूल बिछाए हुए थे। अहमदाबाद में अपनी तरह की यह पहली तीये की बैठक थी इसलिए सोशल मीडिया में इसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। उधर,अहमदाबाद के ही बापूनगर की इंडिया कॉलोनी में गत सोमवार को शंभूी ठाकरशी सावलिया का निधन हो गया था। उनकी टेलीफोनिक श्रद्धांजलि सभा शनिवार को रखी गई। लोगों ने टेलीफोन के माध्यम से 22 अगस्त को शाम को पांच से रात आठ बजे तक शोक संतप्त परिजनों को अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर की।