October 23, 2020

किसान बिल ने बढ़ाई नरेन्द्र मोदी की टेंशन

  • अकाली दल बागी हुआ
  • केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर का इस्तीफा राष्ट्रपति ने मंजूर किया, तोमर को सौंपा प्रभार

दिनेश तिवारी
नई दिल्ली, 18 सितम्बर। कृषि संबंधी विधेयक गुरूवार को लोकसभा से पास होने के बाद भी मोदी सरकार की टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है। विपक्षी दलों और किसानों के साथ-साथ अब मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए के सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल ने कृषि विधेयक के खिलाफ आवाज बुलंद की है। अकाली दल की केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को मोदी कैबिनेट से कृषि संबंधी विधेयकों का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया है और इसे किसान विरोधी बताया। राष्ट्रपति ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है और नरेन्द्र सिंह तोमर को हरसिमरत के विभाग का प्रबार सौंपा है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में इन विधेयकों को किसान विरोधी कदम बताया और कहा कि उनकी पार्टी की एकमात्र मंत्री इस्तीफा दे देंगी। इसके फौरन बाद हरसिमरत कौर ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। हरसिमरत कौर बादल ने कहा,मैंने किसान विरोधी कृषि अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। मैं उस सरकार का हिस्सा नहीं रहना चाहती जो किसानों की आशंकाओं को दूर किए बिना कृषि क्षेत्र से जुड़े विधेयक लेकर आई। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है। इस्तीफे के बाद उन्होंने ने कहा कि हजारों किसान सड़कों पर हैं।
शिरोमणि अकाली दल की नेता ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पंजाब और हरियाणा के किसानों में कृषि से जुड़े इन विधेयकों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। केंद्र की मोदी सरकार तीन कृषि अध्यादेश लेकर आई है। इन अध्यादेशों को लेकर यह कहा जा रहा है कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ही आमदनी का एकमात्र जरिया है, अध्यादेश इसे भी खत्म कर देगा। इसके अलावा कहा जा रहा है कि ये अध्यादेश साफ तौर पर मौजूदा मंडी व्यवस्था का खात्मा करने वाले हैं। लोकसभा में गुरूवार को ये विधेयक पारित होने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि हम किसानों के साथ खड़े हैं और उनके लिए कुछ भी करेंगे। अकाली दल के केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का अलग कदम क्या होगा ये हम पार्टी की बैठक के बाद जल्द ही बताएंगे।

मोदी ने किसानों से कहा भ्रम में न आएं
उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से मेरा अनुरोध है कि वे लोकसभा में कृषि सुधार विधेयकों पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह द्वारा दिए गए भाषण को जरूर सुनें और किसी तरह के भ्रम में ना आएं।