October 30, 2020

कुंवारों को कोरोना के चलते खतरा ज्यादा

रिसर्च में हुआ खुलासा

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर(एजेंसी)। कोरोना वायरस पर हो रहे नए-नए शोध और अध्ययनों से वैज्ञानिकों और लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। महामारी ने वैश्विक स्तर पर लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। वहीं वैज्ञानिक इसे जड़ से खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने में दिन-रात एक करने में लगे हुए हैं। अब कोविड-19 पर हुए एक और शोध में चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। शोध में बताया गया है कि कोविड-19 सबसे ज्यादा अविवाहित लोगों के लिए जान का खतरा बन रहा है। स्वीडन की स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता स्वेन ड्रेफॉल को अध्ययन के दौरान बहुत ही चौंकाने वाली बात पता चली है। ड्रेफॉल के अनुसार कम आय, शिक्षा का निम्न स्तर, अविवाहित और कम या मध्यम आय वाले देशों में पैदा होने वाले जैसे कुछ ऐसे फैक्टर हैं जो इन लोगों में कोविड-19 से मरने का सबसे ज्यादा जोखिम बढ़ा रहे हैं। ड्रेफॉल ने कहा, हम दिखा सकते हैं कि विभिन्न जोखिम वाले कारकों के यहां अलग-अलग और स्वतंत्र प्रभाव हैं जिन पर कोविड-19 पर हुई बैठक में खुलकर बातचीत की गई है।

क्या कहता है आंकड़ा
यह अध्ययन स्वीडन में कोविड-19 से मरे 20 और उसके अधिक उम्र के व्यस्कों के स्वीडिश नेशनल बोर्ड ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर में पंजीकृत मौतों के आकड़ों पर आधारित है। नेचर कम्युनिकेशंस नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में ड्रेफॉल ने बताया कि विदेश में पैदा होने वाले लोगों की स्वीडन में जन्म लेने वाले लोगों की तुलना में मृत्यु दर कम है वहीं कम आय और शिक्षा का निम्न स्तर भी लोगों में कोविड.19 से मरने का जोखिम बढ़ा रहा है।

पुरुषों के लिए अधिक खतरा
निष्कर्र्षों से पता चला है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों के कोविड-19 से मरने का खतरा दोगुना है जो पिछले कई अध्ययनों में बताया गया है। अध्ययन के मुताबिक अविवाहित पुरुषों और महिलाओं में विवाहितों की तुलना में कोविड-19 से मरने का जोखिम डेढ़ से दोगुना ज्यादा है। वहीं विवाहित पुरुषों की तुलना में अविवाहित पुरुषों का मृत्युदर अधिक है जिसका कारण बायोलॉजी और लाइफस्टाल जैसे फैक्टर हैं। रिसर्च टीम के मुताबिक पहले के कई अध्ययनों से यह भी पता चला है कि सिंगल और अविवाहित लोगों में विभिन्न बीमारियों के कारण भी मृत्युदर में बढ़ोतरी हुई है।