September 22, 2020

कुछ दिल्ली गए, कुछ कतार में

राज्य में ज्यादा महत्व ना मिलने से नाखुश हैं कई आईएएस अफसर?

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 31 अगस्त। इन दिनों राज्य में अपनी पूछ नहीं होने नाखुश भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (आईएएस) लगातार केंद्र सरकार का रूख कर रहे हैं। और प्रति नियुक्ति पर केंद्र सरकार में जा रहे हैं। आधा दर्जन अधिकारी तो गहलोत सरकार के सत्ता संभालने के कुछ समय बाद ही केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले और वहीं कई अब जाना चाहते हैं। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की पीड़ा यह है कि राज्य सरकार में डायरेक्ट आईएएस के बजाय प्रमोटी अफसरों को अधिक महत्व के पदों पर लगाया जाता है। इसके साथ ही अधिकारियों के बजाय विधायकों एवं कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों की सलाह को मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिक महत्व दिया जाता है।
विधायकों व कांग्रेसी नेताओं के मनमाफिक काम नहीं करने पर या तो कम महत्व के पदों पर लगाया जाता है या प्रताडि़त किया जाता है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश की राजधानी जयपुर जैसे जिले में राज्य सेवा से आईएएस में प्रमोट हुए अंतर सिंह नेहरा को लगाए जाने से डायरेक्ट आईएएस बनने वालों में काफी नाराजगी है। आईएएस अधिकारियों ने अपनी नाराजगी कई बार मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई लेकिन उनकी आपत्ति दरकिनार कर दी गई

कुछ गए और कुछ जाने की कतार में
राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रजत कुमार मिश्रा गहलोत सरकार के सत्ता संभालने के साथ ही केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। उनके बाद संजय मल्होत्रा,तन्मय कुमार और सांवरमल वर्मा भी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। राजीव सिंह ठाकुर पहले से ही दिल्ली में है। अब प्रवीण गुप्ता, नरेशपाल गंगवार,कृष्ण कुणाल और विष्णु चरण मलिक ने भी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए सीएम से अनुमति मांगी है। इनमें से प्रवीण गुप्ता को तो अनुमति मिल गई। शेष की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित है। आईएएस अधिकारी देवाशीष पुष्टि और रोहित गुप्ता स्टडी लीव पर विदेश चले गए। अधिकारियों के दिल्ली की राह चुनने के कारण प्रदेश में 10 आईएएस अफसरों के पास एक से अधिक विभागों का अतिरिक्त चार्ज है।