November 24, 2020

कुशल प्रबंधन से गंभीर कोरोना रोगियों की संख्या में कमी

भविष्य में किसी भी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी रखें: मुख्यमंत्री

जयपुर, 20 अक्टूबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड-19 के लगातार कुशल प्रबंधन के कारण प्रदेश में क्रिटिकल सिम्पटौमेटिक रोगियों की संख्या में कमी आ रही है। यह सुखद संकेत है कि बीते कुछ सप्ताह में अस्पतालों में ऑक्सीजन, आईसीयू तथा वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले रोगियों की संख्या एक-तिहाई तक घटी है। इसके बावजूद भविष्य में संक्रमण के बढऩे की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हम अपनी पूरी तैयारी रखें।
गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति तथा कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों में स्थानीय पारिस्थितिकी और मौसम संबंधी परिवर्तन के कारण कोरोना संक्रमण तथा इससे होने वाली मृत्यु दर में निरन्तर बदलाव हो रहे हैं। प्रदेश के चिकित्सा विशेषज्ञ इन बदलावों का गहन विश्लेषण एवं अध्ययन कर कोरोना को हराने के लिए स्थानीय रणनीति बनाएं।

कम होते मरीज: बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोरा ने बताया कि 24 सितम्बर को प्रदेश में 2 हजार 902 ऐसे रोगी अस्पतालों में भर्ती थे, जिन्हें ऑक्सीजन, आईसीयू तथा वेंटिलेटर की आवश्यकता थी। इनकी संख्या अब 17 अक्टूबर को घटकर एक हजार 884 रह गई है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कोई कमी न रहे, इसके लिए राज्य के सभी जिला अस्पतालों में कंप्रेस्ड एयर ऑक्सीजन प्लांट लगाने के साथ-साथ 6 प्रमुख मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध कोविड अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। बीस जिला अस्पतालों में तो ये प्लांट्स स्थापित भी किए जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर की उपयोग क्षमता विकसित कर ली गई है। जिसे नवम्बर माह तक प्रतिदिन 30 हजार सिलेंडर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। गहलोत ने बैठक के दौरान नो मास्क-नो एंट्री अभियान की समीक्षा भी की। स्वायत्त शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान की उच्च स्तर से लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। संभाग एवं जिला स्तर पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।