September 25, 2020

कृषि को नए आयामों पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ें: राज्यपाल

  • उच्च अध्ययन संस्थान मानित विश्वविद्यालय का आभाषी दीक्षांत समारोह

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 12 सितंबर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि कृषि से जुड़े सभी नीति निर्धारकों, वैज्ञानिकों, अध्यापकों, उद्यमियों और विद्यार्थियों पर बड़ी जि़म्मेदारी है। कृषि को नए आयामों पर ले जाने में को कसर नहीं छोड़ें और कृषक वर्ग को आय सुरक्षा प्रदान करने में अपना योगदान दें। इस क्षेत्र में अनुसन्धान, नए उद्यमों व नवाचार की अभी बहुत गुंजाइश हैं। इस क्षेत्र में काफी कुछ किया गया है और काफी कुछ किया जाना बाकी है। वैश्वीकरण के प्रभावों से कृषि क्षेत्र अछूता नही है। वैश्वीकरण का लाभ उठाने के लिए कृषि उत्पादों में गुणवत्ता एवं मूल्य संवर्धन पर अधिक काम करने की आवश्यकता है। राज्यपाल शुक्रवार को यहां राजभवन से वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से सरदारशहर स्थित उच्च अध्ययन संस्थान मानित विश्वविद्यालय के पांचवे दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश हैं, जहां नौजवानों की संख्या अधिक है। इन युवाओं की ऊर्जा व समझदारी से हम देश को न ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।

स्थितियों को सुधारने में करें सहयोग: राज्यपाल ने कहा कि सभी युवा, देश में कृषि व किसानों की स्थिति सुधारने में महत्ती भूमिका निभाते हुए कृषि को एक लाभकारी उद्यम बनाने में सहयोग करें, ताकि भविष्य में कृषि व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का रुझान बढ़ सके। युवाओं के पास सपने पूरे करने व मुकाम हासिल करने के अनेक अवसर हैं। जरुरत है, युवा अच्छी कार्य योजना बनाकर इन अवसरों का लाभ उठाए और अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ें तथा देश की प्रगति में भागीदार बनें।

कोरोना ने जीवन के परिदृश्य को बदला: राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 की महामारी ने जीवन के परिदृश्य को बदल कर रख दिया है। आज संपूर्ण विश्व इस परेशानी से जूझ रहा है व सभी पूर्ण सर्कता के साथ इस महामारी को हराने में लगे हैं। अचानक आई इस विपदा ने मानव जाति को संकट में डाल दिया है, किंतु हम सभी ने इस परेशानी का पूरे साहस से सामना किया है व हार नहीं मानी है। उन्होंने कहा कि आज उद्यमों के नए रूप सामने आये हैं। डिजिटल तरीकों से पढ़ा हो रही है। छोटी व बड़ी सभी उम्र के लोगों ने इसका प्रयोग सीख कर काम करना शुरू कर दिया है। बड़े-बड़े आयोजन डिजिटल तरीकों से हो रहे हैं। शुरू में कुछ क्षेत्रों को नुकसान हुआ पर सरकार, उद्यमियों व कृषकों के मिले-जुले प्रयासों की वजह से अब अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्तमान समय में विशेष तौर पर शैक्षिक क्षेत्र में मूल्यों का हस सर्वत्र दृष्टिगोचर हो रहा है।