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केंद्रीय कैबिनेट ने नागरिकता संशोधन बिल पर लगाई मुहर

संसद में जल्द होगा पेश

नई दिल्ली, 4 दिसम्बर (एजेंसी)। तीन तलाक, अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों के बाद अब केंद्र सरकार नागरिकता बिल को लेकर कमर कस चुकी है। खबरों के अनुसार इसे जल्द ही संसद में पेश करने की तैयारी है और इससे पहले आज कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। बुधवार को संसद के एनेक्स बिल्डिंग में हुई केंद्रीय कैबिनेट की यह बैठक में नागरिकता संशोधन बिल पेश किया गया और इसे मंजूरी भी मिल चुकी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इसे इसी सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में पेश कर पास करवाने की कवायदें शुरू होंगी। मालूम हो कि भाजपा नेतृत्व ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक को अनुच्छेद 370 हटाने जितना ही महत्वपूर्ण बताया है। यही कारण है कि जब अमित शाह इस बिल को सदन में पेश करेंगे तब सभी सांसदों को सदन में पेश रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा की संसदीय दल की बैठक में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद नहीं रहे। इसलिए रक्षा मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने मंगलवार को विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में कई अवसरों पर पार्टी सांसदों की गैरमौजूदगी बेहद खटकती है। खुद प्रधानमंत्री मोदी इस विषय पर कई दफा अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब अमित शाह सदन में नागरिकता (संशोधन) बिल को पेश करें तो बड़ी तादाद में भाजपा सांसद वहां मौजूद रहें। चूंकि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण बिल सदन में पेश किए जाएंगे।

राज्यसभा में मिल सकता जेडीयू-अकाली का साथ
बता दें कि पड़ोसी इस्लामिक देशों के अल्पसंख्यक अकसर भारत में शरण के लिए आते रहे हैं। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पड़ोसी देशों से आने वाले 6 धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को शरण देना मोदी सरकार की सर्व धर्म समभाव की नीति का परिचायक है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी और लेफ्ट जैसे दल इस बिल का तीखा विरोध कर रहे हैं और बीजेडी ने भी कुछ ऐतराज जताए हैं। इसके बाद भी बीजेपी के पास लोकसभा में इस बिल को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या है। यही नहीं राज्यसभा में भी अकाली दल और जेडीयू जैसे सहयोगियों का उसे साथ मिल सकता है।