August 14, 2020

केवलादेव अभ्यारण में अचानक हड़कंप

  • प्रशासन को बजाने पड़े सायरन

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 3 जुलाई। राजस्थान के भरतपुर में स्थित विश्व विख्यात केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी अभ्यारण्य पक्षियों का स्वर्ग कहा जाता है लेकिन इन दिनों राजस्थान में चल रहे टिड्डियों के प्रकोप ने अब इसको भी बचा पाना मुश्किल हो रहा है। हाल ही यहां भी टिड्डी दल का जोरदार हमला हुआ। टिड्डी दल की बाढ़ से जिला प्रशासन व वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया क्योंकि करोड़ों की संख्या में टिड्डियों ने पक्षी उधान के पेड़ों को अपना निशाना बना लिया था । लिहाजा प्रशासन को इसे रोकने के लिए ढोल नगाड़े और गाडिय़ों के सायरन बजाने पड़े। इन्हीं प्रयासों के जरिए टिड्डी दल को वहां से भगाया गया। इसके लिए अधिकारियों को बेहद मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि पक्षी अभ्यारण्य 29 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है।

बता दें कि केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी अभ्यारण्य में प्रवासी पक्षी यूरोप, एशिया, साइवेरिया सहित कई देशों से आते है और ब्रीडिंग कर बच्चों को जन्म देते हैं जिनके लिए हरे पेड़ होना जरूरी है। लेकिन जिस तरह से टिड्डी दल का यहां आक्रमण हुआ उसके बाद तो यहां हरियाली ही खत्म होने का खतरा मंडराने लगा था। इसलिए अधिकारियों ने तुरंत टिड्डियों को भगाने के लिए मशक्कत उठानी पड़ी। जानकारों का कहना है कि भरतपुर शहर में टिड्डी दल का आक्रमण इस कदर छाया हुआ कि दुकानदार से लेकर आमजन अपने घरों में छुप गए। लोगों ने घरों से थाली बजाकर टिड्डियों को भगाने का प्रयास किया जा रहा है। कई घंटों मशक्कतों के बावजूद भी इनका कोई ठोस हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा है।