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कॉर्पोरेट देनदारों के लिए व्यक्तिगत गारंटरों की दिवालियापन प्रक्रिया को समझाया

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सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 13 जनवरी। इन्सोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी कानून में पर्सनल गारंटर को लेकर आए नए नियमों में 15 नवंबर 2019 की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर, 2019 से दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 को प्रभावी रूप से लागू किया है। यह इन्सोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी ऑफ़ इंडिविजुअल्स एंड पार्टनरशिप फम्र्स से निपटने के लिए है और यह कॉर्पोरेट देनदार के व्यक्तिगत गारंटियों पर लागू होगा। ये कहना था ऑन इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड समिति के अध्यक्ष और केन्द्रीय परिषद के सदस्य सीए प्रकाश शर्मा का, वे जयपुर में पहली बार आयोजित हुई इनसोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी ऑफ पर्सनल गारंटर्स टू कारपोरेट डेटर्स सेमिनार में बोल रहे थे। आईसीएआई, जयपुर ब्रांच में में इनसोल्वेंसी एवं बैक्रप्टेंसी कोड कमेटी आईसीएआई, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनसोल्वेंसी प्रोफेशनल्स आईसीएआई (आइआइआईपीआई) इनसोल्वेंसी बैक्रप्टेंसी बोर्ड ऑफ़ इंडिया (आईबीबीआई) एवं आईसीएआई, जयपुर ब्रांच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस वर्कशॉप के वक्ता आईआईबीआई से सरम संतोष, इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल मधूसुदन शर्मा, एवं इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल सीए प्रवीन आर. नवंदर मौजूद रहे।