September 22, 2020

कोरोनाकाल में पुलिस के प्रति बढ़ा आमजन का विश्वास

पुलिसकर्मियों की भूमिका पर हुए सर्वे में बात आई सामने

जयपुर, 10 सितंबर। कोरोना के दौरान प्रदेश में पुलिस ने अभिभावक की भूमिका निभाई। आमजन में पुलिस का भय कम होकर पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने सच्चे प्रहरी के रूप में अपने व अपने परिवार की परवाह किए बिना दिन-रात कार्य किया। महिला पुलिस कर्मियों ने भी अपना जीवन दाव पर लगाकर लोगों का जीवन बचाने के लिए लोकहित में अनेक संवेदनशील उदाहरण पेश किए। इस तरह की अनेक सकारात्मक टिप्पणियां कोरोना काल के दौरान पुलिस की भूमिका के बारे में आयोजित एक सर्वेक्षण में प्रकट की गई। यह ऑनलाइन सर्वेक्षण जेकेलोन अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर शिशु रोग डॉ. योगेश यादव एवं संयुक्त निदेशक प्रचार पुलिस मुख्यालय गोविन्द पारीक ने संयुक्त रूप से किया।
डॉ. यादव ने बताया कि 2 सप्ताह चले इस सर्वें में कुल 25 जिलों के 153 लोगों ने भाग लिया। सर्वे में भाग लेने वाले सदस्यों की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच थी। सर्वे में भाग लेने वाले उत्तरदाताओं ने निर्धारित प्रश्नावली के अनुसार गूगल फार्म भरकर सवालों के जवाब दिए। उत्तरदाताओं की गोपनीयता का भी पूरा ध्यान रखा है। सर्वे में होने शामिल होने वाले लोगों में 55 प्रतिशत लोग स्नातकोत्तर, 35 प्रतिशत स्नातक एवं 8 प्रतिशत स्कूली शिक्षा ही ले पाए थे। इसके अलावा 2 प्रतिशत लोग अशिक्षित थे। सर्वे में 13 प्रतिशत महानगरी पृष्ठभूमि से थे एवं 24 प्रतिशत शहरी, 10 प्रतिशत कस्बाई व 53 प्रतिशत लोग ग्रामीण पृष्टभूमि के थे।

लॉकडाउन में 65 फीसदी लोग नहीं डरे पुलिस से
सर्वे के दौरान उत्तरदाताओं ने कोरोना वारियर के रूप में पुलिस की कार्यप्रणाली को सराहा है। सर्वे में पूछे गए सवाल में 65 प्रतिशत लोगों को लॉकडाउन एवं अनलॉक के दौरान पुलिसकर्मियों से डर नहीं लगा, जबकि 35 लोगों को लोगों के दौरान पुलिसकर्मियों से डर महसूस हुआ। एक अन्य सवाल के जवाब में लगभग 92 प्रतिशत लोगों ने माना कि लॉकडाउन के दौरान अपराध कम हुए।

77 फीसदी ने माना, पुलिस की साख बढ़ी
सर्वे में पूछे गए सवाल के जवाब के अनुसार 77 प्रतिशत लोगों ने माना कि कोरोना के दौरान पुलिस की साख बढ़ी है, जबकि 15 प्रतिशत लोगों ने बताया कि पुलिस के साख उनके मन में पहले जैसी है। शेष 8 प्रतिशत लोगों ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। डॉ. यादव ने बताया कि संयुक्त निदेशक पारीक के मार्ग दर्शन में हुए इस सर्वेक्षण की टीम में सीनियर डेमोन्सट्रेटर फिजीयोलॉजी डॉ. कविता, डॉ. विकास सैनी एवं डॉ. दिलीप कागा शामिल थे।