November 26, 2020

कोरोना का असर: नई नौकरियों में घटने लगी महिलाओं की हिस्सेदारी

रोजगार औैर उद्यम निवेश पर भी संकट

नई दिल्ली, (एजेंसी)। कोरोना महामारी का सबसे बुरा असर महिलाओं के रोजगार और उनके कारोबार के लिए मिलने वाले निवेश पर हुआ है। इसके चलते नई नौकरियों में महिलाओं की हिस्सेदारी अगस्त महीने में घटकर 20 फीसदी से नीचे आ गई है। कोरोना के बाद से महिलाओं की जॉब मार्केट में हिस्सेदारी लगातार गिरी है। सरकार की ओर जारी होने वाली रोजगार के डेटा से यह जानकारी मिली है। विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का कहना है कि नई नौकरियों में महिलाओं की हिस्सेदारी कम होने की वजह कोरोना संकट के चलते बाजार मे नई नौकरियों की भारी कमी, पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं के साथ भेदभाव और नियोक्ता द्वारा काम के घंटे बढ़ाकर कर्मचारियों की लागत को कम करने का लक्ष्य शामिल हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से एकत्र किए गए पेरोल डेटा के अनुसार, अगस्त में 669,914 लोगों को नई नौकरी मिली उनमें से केवल 133,872, या सिर्फ 19.98 प्रतिशत महिला कर्मी थी। वहीं, नई नियुक्तियों में महिला कर्मियों की संख्या जुलाई में 20.49 प्रतिशत और जून में 21.11 प्रतिशत थी।

महिला कर्मियों में कमी चिंता का विषय: सरकार एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कोरोना संकट का व्यापक असर सभी सेक्टर्स और रोजगार पर हुआ है। हालांकि, सबसे बुरा असर महिलाओं के रोजगार पर देखने को मिल रहा है। यह चिंता का विषय है। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) ने भी अपनी रिपोर्ट में चेताया था कि कोरोना संकट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी तेजी से बढ़ेगी।