September 27, 2020

कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में अब हमारी भूमिका ज्यादा: सहारा

लखनऊ, (एजेंसी)। भारत के प्रमुख व्यावसायिक समूह सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर एवं चेयरमैन, सहाराश्री सुब्रत रॉय सहारा ने हर भारतीय से अपील करते हुए कहा कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में अब सरकारी संस्थाओं और स्वास्थ्य सेवी संस्थाओं की भूमिका कम और हमारी और आपकी भूमिका ज्यादा है। सहाराश्री ने कहा अब हमारे सामने बेहद उलझे हुए हालात हैं, जब कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन का पहला चरण शुरू हुआ था तो हमारे सामने सूत्र वाक्य था कि लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करना है और कोरोना को हराना है। उस समय पूरे देश में संक्रमित लोगों की संख्या छह-सात सौ थी। सबको उम्मीद थी कि लॉकडाउन के समाप्त होने तक कोरोना पर काबू पा लिया जाएगा। अब जब चार चरण पूरा करने के बाद लॉकडाउन खुल गया है तो इस समय देश में संक्रमित लोगों की संख्या छह लाख के पास पहुंच रही है। और हमारे सामने सूत्र वाक्य यह है कि हमें कोरोना के साथ रहना सीखना है यानी हमें कोरोना के साथ ही जीना है।
वीडियो संदेश में सहाराश्री ने कहा कि जब लॉकडाउन लागू हुआ था तब नेतृत्व करने वाले लोगों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों, पुलिसकर्मियों और कोरोना से लडऩे वाले सभी लोगों के बीच पूरा उत्साह दिखाई देता था। लेकिन अब वह उत्साह जैसे ठंडा पड़ रहा है। इस समय संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संक्रमित व्यक्तियों और उनके तीमारदारों की दर्दनाक कहानियां रोज सामने आ रही हैं।
अब लॉकडाउन को लेकर जो फैसले लिये गये थे उनकी भी आलोचना की जा रही है। सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि जब कोरोना का प्रसार बहुत कम था तब बहुत कड़े नियमों के साथ लॉकडाउन लागू किया गया। अब जब प्रतिदिन कोरोना के लगभग बीस हजार मामले सामने आने लगे हैं तब लॉकडाउन के नियम बिल्कुल ढीले हो गए हैं। यहां तक कि बाजार, मॉल और धार्मिक स्थल भी खोल दिए गए हैं।