October 26, 2020

कोरोना खौफ : गाइडेंस के लिए भी स्कूल जाने से बच्च्े कर रहे तौबा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 30 सितम्बर। कोरोना के चलते प्रदेश में मार्च के बाद से ही स्कूल बंद हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने फिलहाल स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है लेकिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को गाइडेंस के लिए 21 सितंबर से अगले आदेशों तक स्कूल जाने की छूट दी गई थी लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी स्कूलों में महज गिने-चुने विद्यार्थी ही गाइडेंस के लिए पहुंच रहे हैं और इसका सबसे बड़ा कारण है अभिभावकों में कोरोना का डर।
पिछले करीब 6 महीनों से स्कूल बंद होने के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी बाधित हो रही है । हालांकि ऑनलाइन स्टडी विद्यार्थियों के लिए काफी हद तक मददगार बनी है लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर सरकार ने 21 सितंबर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को गाइडेंस के लिए स्कूल आने की अनुमति दी लेकिन बीते एक सप्ताह में विद्यार्थियों की संख्या स्कूल में नगण्य ही रही।
प्रदेश के साथ ही देश में भी इस समय कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है जिसके चलते अभिभावक भी खासे चिंतित नजर आ रहे हैं । ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए गाइडेंस के लिए पहुंचने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी स्कूल आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने स्कूल में गाइडेंस के लिए आने की छूट दी है लेकिन वर्तमान में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया जा रहा ह। अगर पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तो बच्चों के साथ खुद आते हैं।
सी-स्कीम स्थित एक स्कूल में 11वीं क्लास की एक छात्र सिर्फ बुक्स लेने के लिए पहुंची थी। छात्रा ने बताया कि फिलहाल ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल से बुक्स लेने के लिए फोन किया गया था इसलिए स्कूल आए हैं। कोरोना के चलते घर से बाहर निकलने से परहेज ही किया जा रहा है। अगर आने वाले समय में स्कूल खुलते हैं तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही स्कूल आने पर फैसला लिया जाएगा। एक बालिका विद्यालय के इंचार्ज अश्विनी कुमार ने बताया कि स्कूलों में पूरा स्टाफ 1 जून से ही आ रहा है लेकिन 21 सितंबर से विद्यार्थियों के गाइडेंस की छूट दी गई है हालांकि कोरोना के डर की वजह से स्कूल में दिन में करीब 1 से 2 ही विद्यार्थी आ रहे हैं। इस समय बुक्स लेने वाले और छात्रवृत्ति वाले विद्यार्थी ही ज्यादा संख्या में आ रहे हैं लेकिन इस दौरान भी कोरोना गाइड लाइन की पूरी पालना की जा रही है। विद्यार्थियों को समूह बनाकर एकत्रित नहीं होने दिया जाता है। बहरहालए गाइडेंस के लिए सरकार ने कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल आने की छूट तो दी है लेकिन बढ़ते कोरोना के खतरे और अभिभावकों के डर की वजह से विद्यार्थी अभी भी स्कूल पहुंचने से कतरा रहे हैं।