November 28, 2020

कोरोना से बचाएगा आईपी फोन

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 11 नवम्बर। जयपुर की पुलिस अधिकारियों को अब आईपी फोन कोरोना से बचाएगा। शहर पुलिस सोशल डिस्टेंश के लिए आईपी फोन मांग रही है। पुलिस कमिश्नर की एक ओर से इस सम्बंध में एक प्रस्ताव प्रमुख सचिव गृह को प्रस्ताव भेजा है। गृह विभाग ने पुलिस का प्रस्ताव प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी को भेज दिया है। राज्य के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सचिवालय सहित कई प्रमुख ऑफिसों में कैमरे वाले आईपी फोन लगाए हैं। वेबीनार सिस्टम पर आधारित आईपी फोन लगने के बाद अधिकारियों के बीच वार्तालाप आसान हुआ है। आईपी फोन में लगे कैमरे से बात करने वाली की फोन स्क्रीन पर आ जाती है। इससे सामने वाले को अधिकारी-कर्मचारी के हावभाव भी दिखाई दे जाते हैं। सचिवालय के साथ ही पुलिस कमिश्नर के साथ ही चारों डीसीपी के कार्यालय में आईपी फोन लगाए गए हैं। फोन की उपयोगिता देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने शहर पुलिस अधिकारियों, थानों में आईपी फोन लगाने का प्रस्ताव भेजा है।

92 आईपी फोन मांगे
पुलिस कमिश्नरेट से 14 अक्टूबर को प्रमुख सचिव को प्रस्ताव भेजा। कमिश्नरेट के सभी पुलिस थानों और अन्य पुलिस कार्यालयों के लिए 92 आईपी फोन मांगे हैं। शहर के सभी 64 थानाधिकारियों,18 एसीपी, 5 एडिशनल डीसीपी, डीसीपी के परिवाद कक्ष में चार आईपी फोन उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी तरह कमिश्नरेट के परिवादी कक्ष के लिए भी एक आईपी फोन मांगा है। प्रस्ताव में कहा है कि आईपी फोन से कमिश्नर कार्यालय आने वाले परिवादियों से सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए सुनवाई में मदद मिली है।

गिनाए फायदे
इसके साथ ही प्रस्ताव में आईपी फोन के अन्य फायदे भी गिनाएं गए हैं। डीसीपी ऑफिस में आईपी फोन होने से क्राइम और कानून व्यवस्था की बैठकों को लेकर आपस में बात कर सकेंगे। अधिकारियों को किसी आपराधिक केस और कानून व्यवस्था की चर्चा के लिए बार-बार कमिश्नरेट नहीं आना पड़ेगा। इससे इन अधिकारियों के समय की बचत तो होगी ही बेहतर पुलिसिंग में भी मदद मिलेगी। गृह सचिव एनएल मीणा ने पुलिस के इस प्रस्ताव को प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी के पास भिजवा दिया।