Thu. Dec 12th, 2019

कोहरे में भी अब सुरक्षित रहेंगी ट्रेन

दुर्घटनाओं से बचाता है डिवाइस धमाका कर सतर्क करता है

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 3 दिसम्बर। सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और उत्तर पश्चिम रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है। कोहरे के दौरान रेल सेवाएं अक्सर देरी से चलती है या फिर रद्द हो जाती हैं। कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती है। इन स्थितियों से बचने के लिए रेलवे की ओर से मुक्कमल तैयारियों का दावा किया जा रहा है। इन्हीं तैयारियों के तहत रेलवे की ओर से एक ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल भी किया जा रहा है जो ट्रेन को इन सब परिस्थितियों से बचाने में सहायक साबित होता है।

चकरी या जमीन चक्कर जैसा होता है यह डिवाइस
दिखने में ये डिवाइस दीपावली में आतिशबाजी के दौरान काम आने वाली चकरी या जमीन चक्कर जैसा है। इस डिवाइस को क्लिप के सहारे रेल की पटरियों में स्टक किया जाता है। इसे रेलवे फाटक या स्टेशन आने से पहले ही कुछ दूरी पर लगाया जाता है। जैसे ही इस डिवाइस पर से रेल का इंजन गुजरता है तो इसमें जोरदार धमाका होता है। इसकी साफ आवाज़ रेल ड्राइवर को सुनाई देती है। इस धमाके को सुनने का मतलब है कि ड्राइवर समझ जाता है कि अब कुछ ही दूरी पर रेलवे फाटक या स्टेशन आने वाला है और वो गाड़ी की रफ्तार धीमी कर लेता है। उत्तर पश्चिम रेलवे सीपीआरओ अभय शर्मा का कहना है कि ये डिवाइस बेहद सुरक्षित है और इसके धमाके से बस शोर होता है। किसी तरह का धुंआ या नुकसान नहीं पहुंचता। ये डिवाइस कोहरे के समय ही काम में लिया जाता है जब रेल ड्राइवर को पटरियों पर आगे कुछ भी नजर नहीं आता। इस डिवाइस को कोहरे के समय रेल कर्मचारी ट्रेन आने से कुछ समय पहले ही पटरी पर इंस्टॉल करता है। इसे इंस्टॉल करने वाला कर्मचारी तब तक वहीं खड़ा रहता है जब तक ट्रेन वहां से गुजर ना जाए क्योंकि इस बात की आशंका बनी रहती है कि कोई इसे पटरी से खोल कर ले जा सकता है।