Sat. Jan 25th, 2020

क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ 55 हजार शिकायतें

लगातार बढ़ती जा रही है ठगी का शिकार हुए लोगों की संख्या

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर,13 जनवरी। राजस्थान में क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के जरिए ठगी का शिकार हुए लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सहकारिता विभाग के पोर्टल पर अब तक इनके खिलाफ 55 हजार शिकायतें आ चुकी हैं। राजस्थान के सहकारिता विभाग ने 13 मल्टी स्टेट सोसायटियों के बारे में केंद्र से जानकारी मांगी है। धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। जिन के लिए पत्र लिखा है उनमें नवजीवन,संजीवनी एवं सर्वोदय मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी शामिल है। सहकारिता विभाग ने इन्हें अवसायन में लाकर अवसायक नियुक्त करने की करने का आग्रह किया है। राजस्थान में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने पिछले वर्ष आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले को पकड़ा था। इसके बाद कुछ और क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाटियों पर कार्रवाई की गई थी। बाद में विभाग ने एक पोर्टल जारी कर लोगों से कहा था कि जिस भी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ उनके पास शिकायतें हैंए उनके बार में वे ऑनलइन पोर्टल पर जानकारी दे सकते हैं। इस पोर्टल पर अब तक 55 हजार से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं।
राजस्थान के सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने बताया कि यह मामला निरंतर बड़ा होता जा रहा है और इसीलिए अब हमने केंद्रीय रजिस्ट्रार को भी कार्रवाई के लिए लिखा हैए क्योंकि इसमें ज्यादातर मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटियां हैं। उन्होने बताया कि हमने केंद्रीय रजिस्ट्रार को आग्रह किया है कि केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय से एक स्पेशल टीम गठित कर राज्य में भिजवाएं ताकि ऑनलाइन पोर्टल पर आ रही निवेशकों की शिकायतों पर केंद्रीय टीम और यहां विभाग मिल कर कार्रवाई कर सके और निवेशकों की राशि सुरक्षित कर उन्हें राहत दी जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध ऑनलाइन पोर्टल पर 55 हजार शिकायतें निवेशकों ने की है तथा लगातार शिकायतें आ रही हैं। पवन ने बताया कि इसके साथ ही 13 मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों की जानकारी भी केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय से मांगी गई है। इनमें आदर्श, अमरदीप, भविष्य,नवजीवन,सहारा, संजीवनी,अथर्व, आस्था, मारवाड , श्रीक्रेडिट , रूबी,सर्वोदय एवं सांईकृपा मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव समितियां शामिल हैं। इन समितियों के खिलाफ विभाग स्तर से प्राप्त शिकायतों को पहले पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को भेजा जा रहा है। ऐसे में केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय से इन समितियों के पदाधिकारियों के नाम, पते, बैंक खातों,समितियों की परि संपत्तियों की जानकारी एवं अन्य आवश्यक रिकार्ड मांगा गया है। उन्होंने बताया कि हमने आदर्श सोसायटी के अवसायक का कार्यालय यहां जयपुर में खोलने के लिए भी कहा है ताकि पीडि़त निवेशकों के हितों की सुरक्षा कर उन्हें राहत दी जा सके।