September 24, 2020

गणपति के इस मंदिर में मिलता है मनचाहा वर लेकिन चढ़ाना होता है एक खास फल

आप सोच रहे होंगे कि मनचाहा वर पाने के लिए शिव और शक्ति की तो उपासना होती है। लेकिन गणपति तो बुद्धि के दाता हैं और रिद्धि-सिद्धि के स्वामी हैं। तो मनचाहे वर के लिए उनकी उपासना? जी हां हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वह बप्पा का ही मंदिर है और वहां कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने की अर्जी लगाती हैं। कहते हैं गणेशजी झट से यह मुराद पूरी भी कर देते हैं। लेकिन इसके लिए एक खास वस्तु भी अर्पण करनी पड़ती है।
हम जिस विशेष मंदिर की बात कर रहे हैं वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील में स्थापित है। यह मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर हैं। यह मंदिर तकरीबन 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर का नाम इच्छापूर्ण गणेशजी है। बप्पा यहां अपने नाम के अनुरूप मंदिर में आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी करते हैं। बप्पा को यहां श्रीजी के नाम से पुकारते हैं। श्रीजी के मंदिर में तो सभी की मुरादें पूरी हो ही जाती हैं। लेकिन कुंवारी युवतियां भी यहां अपने मनचाहे वर की कामना पूर्ति के लिए आती हैं। कहते हैं कि बप्पा इस मंदिर में आने वाली हर कन्या को उसका मनचाहा वर देते हैं। लेकिन इसकी एक परंपरा है, उसके मुताबिक ही युवतियां बप्पा के सामने खड़े होकर अपने मनचाहे वर के गुणों का बखान करती हैं। इसके बाद उसे अपने वर के रूप में पाने की प्रार्थना करती हैं। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं यहां बप्पा को श्रीफल अर्पित करती हैं तो जिस भी वर की कामना उनके हृदय में हो वह पूरी हो जाती है। बता दें कि पोहरी दुर्ग सिंधिया स्टेट के अंतर्गत आता था। उस समय की जागीरदारनी बालाबाई सीतोले हुआ करती थीं। उन्होंने ही 1737 में इस मंदिर का निर्माण कराया था।