October 27, 2020

गांधी के विचारों को 550 चावलों के दानों पर उकेरा

  • राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयंती पर विशेष कलाकृतियां तैयार
  • मुख्यमंत्री आज करेंगे अवलोकन

जयपुर, 1 अक्टूबर। चावल पर सुक्ष्म लेखन के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित जयपुर की कलाकार नीरू छाबड़ा ने 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयंती के अवसर पर गांधीजी के कहे वचनों को चावलों पर लिख 6 कलाकृतियां तैयार की है। इनमें अहिंसा-सत्याग्रह सर्वोत्तम शिक्षा, 1869 से 1900 तक महत्वपूर्ण घटनाएं आदि मुख्य हैं। 6 कलाकृतियों में लगभग 550 चावलों पर लेखन किया है। इन कलाकृतियों का आज शाम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अवलोकन करेंगे। छाबड़ा भारत की अकेली महिला कलाकार हैं जिन्होंने एक चावल पर अंग्रेजी के 108 अक्षर ब्रूश से लिखे हैं। इसके अलावा प्राकृत में णमोकार मंत्र, संस्कृत में गायत्री मंत्र एवं हिंदी में संविधान की परिभाषा भी चांवल पर लिख चुकी हैं। अनेकता में एकता मेरा भारत महान नामक कृति में भारतवर्ष की समस्त भाषओं को उनकी लिपियों में लिखा है। कलाकार नीरू छाबड़ा ने चावल के दानों से निर्मित कृतियों में कोटि-कोटि देशवासियों की भावनाओं को जीवंत रूप देने का प्रयास किया है, और कर रही हैं।

गीता सार, वंदेमातरम सहित कई कलाकृतियां है प्रमुख
नीरू की श्रेष्ठ कलाकृतियों में राष्ट्रगीत, भक्तामर स्तोत्र, अनेकता में एकता मेरा भारत महान, लोकतंत्र के 50 वर्ष, वंदे मातरम, कृष्ण की बांसुरी, गीता सार, गायत्री मंत्र, णमोकार मंत्र, जल है तो कल है, लोकसभा चुनाव, भरत से भारत, देश की समस्त भाषा में वंदेमातरम आदि मुख्य हैं। वे अब तक 75 हजार से अधिक चावल के दानों पर लिख चुकी हैं। संयुक्त परिवार के दायित्वों के निर्वहन के साथ जिस तरह चावल पर सूक्ष्म अंकन की दस्तकारी कर इस कला को श्रम साधना के साथ भफने का सतत प्रयास कर भारत की पुरातन तथा वैभवशाली कला को लुप्त होने से बचा रही हैं। यही इनका कला के प्रति समर्पण है।