October 23, 2020

गुर्जर आंदोलन फिर से खड़ा करने की तैयारी

पायलट की चि_ी से मिली हवा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 22 सितम्बर। राज्य में जल्द होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से पूर्व प्रदेश में एक बार फिर गुर्जर नेता अपनी मांगों के लिए लामबंद हो गए हैं। गुर्जर नेताओं की नई मांगों से गहलोत सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला परिषद-पंचायत समिति के चुनाव पार्टी के सिंबल के आधार पर लड़े जाएंग। ऐसे में अगर परिणाम पार्टी के अनुकूल नहीं आए तो प्रदेश की सियासत पर असर पड़ेगा और राज्य में एक बार फिर गुटबाजी को हवा मिल सकती है।
पायलट खेमा गहलोत सरकार पर पलटवार करेगा और प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की मांग जोर पकड़ेगी। प्रदेश में 33 जिला परिषद और 365 से अधिक पंचायत समितियों के चुनाव होने हैं। राज्य के करीब एक दर्जन जिलों में गुर्जर मतदाता इन चुनावों को प्रभावित करने की निर्णायक भूमिका में रहते हैं। गुर्जर आरक्षण को लेकर हाल ही में पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट की ओर से जारी की गई चि_ी से भी आंदोलन का हवा मिल रही है।

गुर्जरों का केंद्र.राज्य को अल्टीमेटम
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला आंदोलन को गति देने के लिए अलग-अलग जिलों में बैठकें कर चुके हैं। ऐसे में किसी भी समय आंदोलन की घोषणा हो सकती है। संघर्ष समिति के महामंत्री एडवोकेट शैलेंद्र सिंह ने कहा कि गुर्जर आरक्षण को नवीं अनुसूची में जुड़वाने के मुद्दे पर हम ने केंद्र सरकार को एक महीने का समय दिया है। अल्टीमेटम 12 सितंबर को जारी किया जा चुका है। हमारी मांग नहीं मानने पर गुर्जर समाज अपना आंदोलन तेज करेगा। वहीं भर्ती संबंधित बिंदुओं पर राज्य सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। राज्य सरकार ने अभी तक देवनारायण बोर्ड को भी संवैधानिक दर्जा नहीं दिया है।

पायलट की चि_ी से गरमायी राजनीति
हाल ही में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को प्रक्रियाधीन भर्तियों में पांच फीसदी एमबीसी आरक्षण की कठोरता से पालन करने की चि_ी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। गुर्जर नेता 5 फीसदी एमबीसी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में जुड़वाने और राज्य में भर्तियों में आरक्षण का फायदा दिलवाने की मांग कर रहे हैं। राजस्थान में फिलहाल 64 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। इसमें ओबीसी को 21 फीसदी,एसटी को 12 फीसदी, एससी को 16 और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है।