September 23, 2020

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी कृषि प्रसंस्करण नीति: मुख्यमंत्री

सीएम का उद्योग लगाओ, आय बढ़ाओ थीम पर किसानों से संवाद

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 10 सितंबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। किसान संपन्न बनें, खुशहाल बनें और आगे बढ़ें यह हमारा प्रयास है। गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीसी के माध्यम से ‘उद्योग लगाओ, आय बढ़ाओÓ की थीम पर कृषकों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर में कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्षों पर मौजूद करीब 428 किसानों के साथ चर्चा कर रहे थे। संवाद में संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, बैंकों के अधिकारी, नाबार्ड के अधिकारी, संयुक्त रजिस्ट्रार सहकारिता, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी तथा 144 कृषि मंडियों के सचिव भी जुड़े।

योजनाओं का हो व्यापक प्रचार-प्रसार
मुख्यमंत्री ने नई नीति के तहत अनुदान का लाभ लेने वाले किसानों एवं उद्यमियों के साथ संवाद किया और उनसे नई नीति के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने आह्वान किया कि खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने में सरकार द्वारा मिल रहे अनुदान का भरपूर लाभ उठाएं, अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर खुद की आय बढ़ाएं और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दें। उन्होंने प्रोत्साहन नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए तैयार कराए गए पोस्टर, ब्रॉशर एवं होर्डिंग का विमोचन किया और व्यापक प्रचार-प्रसार की बात कहीं।

जागरूक बनें किसान
गहलोत ने कहा कि नई नीति एक क्रान्तिकारी नीति है जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। सरकार का उद्देेश्य प्रदेश के किसानों द्वारा मेहनत से तैयार की गई फसल का मूल्य संवर्धन कर उन्हें इसका लाभ दिलाना है। प्रसंस्करण नीति से किसान को गांव में ही अपनी जमीन पर उद्यम की सुविधा मिलेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पंचायत समिति एवं उपखण्ड़ स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारी कृषक संगोष्ठियों के माध्यम से किसानों से रूबरू होकर नई नीति के प्रावधानों, किसानों को दिए जाने वाले अनुदान के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में एक प्रकोष्ठ बनाया जाए, जिसका प्रभारी जिला कृषि अधिकारी हो। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से किसानों को उनकी उपज के विपणन से आय बढ़ाने और अपनी उपज बेचने के लिए लिंकेज की सुविधा के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन का देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर जो असर पड़ा है, उससे उबरकर गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए हमें अपने पैरों पर खड़ा होना होगा, प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ानी होंगी और किसानों को प्रसंस्करण इकाइयां लगाकर खुद की आमदनी बढ़ाने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश की आर्थिक हालत कमजोर है, लेकिन सरकार मदद करने में कोई कमी नहीं रखेगी।