Sun. May 31st, 2020

ग्रामीण विकास के कार्यों में तेजी लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को किया जाएगा मजबूत : पायलट

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति के समय ही मनरेगा से जारी की जाएगी 90 कार्य दिवस की मस्टररोल

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 22 मई। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सभी जिला परिषदें के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को कोरोना वैश्विक महामारी के कारण जारी लॉकडाउन की समाप्ति के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत क्रियान्वित किए जा रहे कार्यों में तेजी लाने एवं कार्य कुशलता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पायलट ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ सभी जिला परिषदें के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के तहत कार्यों की क्रियान्विति बढ़ाने से स्थानीय निवासियों को काम मिलेगा, ठेकेदारों को रोजगार उपलब्ध होगा, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का व्यवसाय बढ़ेगा तथा अन्य संबंधित गतिविधियां प्रारम्भ होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा तथा कोरोना संकट के कारण परेशानी झेल रहे लोगों में पुन: विश्वास कायम होगा तथा उन्हें आर्थिक सम्बल मिलेगा।

जॉब कार्ड जारी कर रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए पायलट ने कहा कि आवास स्वीकृति के समय ही लाभार्थी को मनरेगा के तहत 90 कार्य दिवस की मस्टररोल आवश्यक रूप से जारी करें, जिससे कि लाभार्थी को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवसों द्वारा 19,800 रुपए का पूर्ण लाभ मिल सकें। पायलट ने लॉकडाउन के कारण रोजगार के अभाव में विभिन्न प्रदेशों से लौटे प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड जारी करने के लिए सरलीकृत प्रक्रिया अपनायी जाकर अविलम्ब जॉब कार्ड जारी कर रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। साथ ही मनरेगा के कार्यों पर मेट लगाने के लिए रोटेशन एवं रोस्टर प्रक्रिया अपनाने तथा निर्धारित अनुपात में महिला मेट लगाने के निर्देश भी दिए। वी.सी. में अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजेश्वर सिंह, विशिष्ट शासन सचिव, ग्रामीण विकास एवं आयुक्त मनरेगा पी.सी. किशन तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारिगण भी मौजूद रहे।